Kurukshetra News: ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने में सहकारी समितियों की क्या भूमिका हो सकती है, इसकी बानगी देखने कुरुक्षेत्र के धुराला गांव पहुंचे राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) के शीर्ष अधिकारी। नाबार्ड के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर (DMD) जी.एस. रावत और चीफ जनरल मैनेजर (CGM) नवोदित तिवारी ने ‘दि धुराला एमपैक्स’ (MPACS) का दौरा कर संस्था के कामकाज और गतिविधियों का गहनता से अवलोकन किया।
दौरे के दौरान अधिकारियों ने समझा कि कैसे यह सोसाइटी पारदर्शी व्यवस्था के जरिए किसानों और ग्रामीणों के जीवन में बदलाव ला रही है। संस्था के वित्तीय रिकॉर्ड, प्रबंधन और योजनाओं के क्रियान्वयन को देखने के बाद अधिकारियों ने इसकी सराहना की।
‘अन्य समितियां भी अपनाएं यह मॉडल’
धुराला एमपैक्स की कार्यशैली से प्रभावित नाबार्ड के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर जी.एस. रावत ने कहा कि यह संस्था पूरे प्रदेश के सहकारिता क्षेत्र के लिए एक नजीर बन चुकी है। यदि राज्य की दूसरी सहकारी समितियां भी इसी ईमानदारी, समर्पण और स्पष्टता के साथ काम करें, तो ग्रामीण सहकारिता आंदोलन को एक नई ताकत मिलेगी।
उन्होंने उम्मीद जताई कि धुराला एमपैक्स के इस कार्यप्रणाली मॉडल को प्रदेश की अन्य समितियों में भी लागू करने के प्रयास किए जाएंगे, जिससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह का ‘सहकार से समृद्धि’ का विजन धरातल पर मजबूती से साकार हो सके।
2014 से लगातार मुनाफे में धुराला एमपैक्स
अतिथियों का स्वागत करते हुए दि कुरुक्षेत्र केंद्रीय सहकारी बैंक (DCCB) के चेयरमैन सुभाष सैनी ने संस्था का ब्योरा रखा। उन्होंने बताया कि धुराला एमपैक्स वर्ष 2014 से बिना किसी वित्तीय घाटे के लगातार लाभ अर्जित कर रही है और हरियाणा की गिनी-चुनी सबसे सफल समितियों में शामिल है।
सैनी ने बताया कि उत्कृष्ट सेवाओं के लिए इस समिति को राज्य के कृषि मंत्री, राज्यपाल और खुद केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा राष्ट्रीय मंचों पर सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि स्टाफ की निष्ठा और सेवाभाव के बल पर आज जिले की अन्य समितियां भी प्रेरित हो रही हैं। इसी का नतीजा है कि जहां पहले केवल धुराला एमपैक्स ही मुनाफे में थी, वहीं इस वर्ष जिले की 9 सहकारी समितियां लाभ की स्थिति में पहुंची हैं।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनी संस्था
कार्यक्रम के दौरान पैक्स एडवाइजर अशोक मेहता ने नाबार्ड अधिकारियों को किसानों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं और समिति की उपलब्धियों की विस्तृत रिपोर्ट सौंपी। उन्होंने रेखांकित किया कि किस तरह एमपैक्स छोटे और मध्यम किसानों को समय पर ऋण व खाद-बीज उपलब्ध कराकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रही है। संस्था के प्रबंधक रविंद्र कुमार ने आए हुए सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर डीसीसीबी के जनरल मैनेजर गोपीचंद, अजमेर सिंह, धुराला के सरपंच सतपाल सिंह, समिति सदस्य हंसराज, पूरणचंद, राय सिंह गुर्जर, पूरणचंद धवन समेत कई गणमान्य ग्रामीण और सहकारिता विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
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