Mahendragarh : महेंद्रगढ़ में आर्थिक अपराध शाखा का बड़ा एक्शन, जमीन फर्जीवाड़े के शिकार व्यक्ति को वापस मिले 46 लाख रुपये

Mahendragarh : हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) नारनौल ने जमीन खरीद-फरोख्त से जुड़े एक बड़े धोखाधड़ी के मामले में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
पुलिस की प्रभावी जांच और दबिश के चलते आरोपियों से जुड़े एक मामले में शिकायतकर्ता को 46 लाख रुपये की पूरी राशि वापस मिल गई है। इस कार्रवाई से भूमि सौदों में धोखाधड़ी करने वाले तत्वों में हड़कंप मच गया है और पीड़ित को बड़ी राहत मिली है।
जमीन के नाम पर ऐंठे थे 46 लाख रुपये
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मांडोला (सतनाली) निवासी जयपाल ने 8 अक्टूबर 2025 को नारनौल आर्थिक अपराध शाखा में एक लिखित शिकायत दी थी।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि आरोपियों ने जमीन के एक सौदे के नाम पर उससे भारी-भरकम रकम ली थी, लेकिन जब दस्तावेजों की बात आई तो कथित तौर पर फर्जीवाड़ा सामने आया।
आरोपियों ने पैसे लेने के बाद न तो जमीन की रजिस्ट्री जयपाल के नाम करवाई और न ही उनकी रकम वापस लौटाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए ईओडब्ल्यू नारनौल ने तुरंत संज्ञान लिया और गहन जांच-पड़ताल शुरू की।
बैंक खातों से हुआ था पैसों का लेनदेन
जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि शिकायतकर्ता जयपाल ने जमीन खरीदने के उद्देश्य से आरोपियों के बैंक खातों में ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर किए थे। बैंक रिकॉर्ड की तकनीकी जांच में यह बात पुख्ता हुई कि:
15 अप्रैल 2025 को 39 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे।
18 अप्रैल 2025 को 7 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। इस प्रकार कुल 46 लाख रुपये की रकम आरोपियों के पास गई थी।
पुलिस ने मामले की तह तक जाने के लिए नोटरी द्वारा सत्यापित दस्तावेजों, बैंक स्टेटमेंट और अन्य डिजिटल व भौतिक साक्ष्यों को अपनी जांच का मुख्य आधार बनाया। इन ठोस सबूतों के आधार पर थाना शहर महेंद्रगढ़ में सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई।
मुख्य आरोपी पर पहले से दर्ज हैं 13 आपराधिक मामले
जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने इस मामले में नामजद मुख्य आरोपी कबूल सिंह (निवासी झोझू खुर्द, चरखी दादरी) को 7 अगस्त 2026 को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया।
पुलिस की आपराधिक कुंडली खंगालने पर सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी कबूल सिंह कोई आम अपराधी नहीं है, बल्कि उसके खिलाफ पहले से ही चोरी, जालसाजी, मारपीट और आर्म्स एक्ट जैसे 13 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, इस मामले में दूसरे नामजद आरोपी अभिषेक (निवासी नंदगांव, भिवानी) के खिलाफ भी पूर्व में लड़ाई-झगड़े के 3 आपराधिक मामले दर्ज पाए गए।
आरोपी अभिषेक ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिलने के बाद 7 सितंबर 2026 को जांच में शामिल होकर अपने बयान दर्ज कराए।
आर्थिक अपराध शाखा की पेशेवर कार्यप्रणाली और सटीक कानूनी शिकंजे के परिणामस्वरूप आखिरकार शिकायतकर्ता जयपाल को उनकी 46 लाख रुपये की गाढ़ी कमाई वापस मिल गई।
पुलिस इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है।
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