Mahendragarh News: शिक्षा और शोध के क्षेत्र में हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (CUH), महेंद्रगढ़ ने एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल किया है। विश्वविद्यालय ने ‘क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग: एशिया 2027’ में शानदार प्रदर्शन करते हुए 791-800 रैंक बैंड में अपना स्थान सुरक्षित किया है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की पिछली यानी वर्ष 2026 की ‘1001-1100 रैंक बैंड’ की स्थिति से एक उल्लेखनीय और बेहतरीन सुधार को दर्शाती है।
खास बात यह है कि क्यूएस एशिया 2027 के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस प्रतिष्ठित रैंकिंग में शामिल हरियाणा के अन्य सभी सरकारी वित्तपोषित विश्वविद्यालयों की तुलना में हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय ने सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त किया है। यह सफलता अकादमिक गुणवत्ता, उच्चकोटि के शोध प्रदर्शन और संस्थागत पहचान को मजबूत करने की दिशा में विश्वविद्यालय के निरंतर और समर्पित प्रयासों का परिणाम है।
कुलपति और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने जताई प्रसन्नता
इस बड़ी उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेशवर कुमार ने कहा कि यह क्षण हकेवि के समस्त परिवार के लिए बेहद गर्व का है। उन्होंने कहा, “क्यूएस एशिया रैंकिंग में हमारी यह बेहतर स्थिति संकाय सदस्यों, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
यह सफलता राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप एक सशक्त अकादमिक माहौल तैयार करने के हमारे संकल्प को और मजबूत करती है।”
विश्वविद्यालय के समकुलपति प्रो. पवन कुमार शर्मा ने कहा कि यह रैंकिंग हमारी निरंतर अकादमिक प्रगति का एक उत्साहजनक प्रमाण है। विश्वविद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, उच्च प्रभाव वाले शोध, अंतर्विषयक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को लगातार बढ़ावा दे रहा है।
वहीं, कुलसचिव प्रो. सुनील कुमार ने कहा कि यह सफलता अकादमिक और प्रशासनिक इकाइयों के बेहतरीन तालमेल और समन्वित प्रयासों का परिणाम है। इसके अलावा, आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के निदेशक प्रो. सुरेंद्र सिंह ने बताया कि यह उपलब्धि गुणवत्ता संवर्धन और संस्थागत प्रदर्शन की निरंतर निगरानी पर दिए गए विशेष ध्यान का सकारात्मक नतीजा है।
क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग: एशिया के तहत विश्वविद्यालयों का आकलन कई कड़े मानकों के आधार पर किया जाता है, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं-
1. अकादमिक पहचान (Academic Reputation)
2. नियोक्ता पहचान / संस्थान की प्रतिष्ठा (Employer Reputation)
3. शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात (Faculty-Student Ratio)
4. शोध संबंधी संकेतक व पत्र प्रकाशन (Research Indicators)
5. अंतरराष्ट्रीयकरण (Internationalization)
वर्ष 2026 के 1001-1100 रैंक बैंड से छलांग लगाकर वर्ष 2027 में 791-800 रैंक बैंड तक पहुंचना यह साबित करता है कि विश्वविद्यालय वैश्विक और क्षेत्रीय स्तर पर अपनी शैक्षणिक साख को तेजी से मजबूत कर रहा है।
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