Mahendragarh News: हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय, महेंद्रगढ़ में 48वें अखिल भारतीय लेखांकन सम्मेलन एवं अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ 23 अक्टूबर को होने जा रहा है। विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग, व्यवसाय एवं प्रबंधन अध्ययन पीठ द्वारा भारतीय लेखांकन संघ की दक्षिण हरियाणा शाखा के सहयोग से आयोजित इस तीन दिवसीय सम्मेलन का विशेष महत्व है, क्योंकि भारतीय लेखांकन संघ का यह प्रतिष्ठित सम्मेलन पहली बार हरियाणा राज्य में आयोजित हो रहा है।
800 से अधिक प्रतिभागी और 500 शोधपत्र होंगे प्रस्तुत
इस तीन दिवसीय महाकुंभ में देश के विभिन्न हिस्सों से लगभग 800 प्रतिभागियों ने अपना पंजीकरण कराया है। सम्मेलन के दौरान विभिन्न तकनीकी सत्रों में करीब 500 शोधपत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। इस आयोजन में देश के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, शोधार्थियों और लेखांकन विशेषज्ञों के साथ-साथ कनाडा और ओमान जैसे देशों के विदेशी शोधकर्ता भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने जताया गौरव
सम्मेलन के मुख्य संरक्षक एवं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने इस अवसर पर कहा कि भारतीय लेखांकन संघ के इस प्रतिष्ठित सम्मेलन का पहली बार हरियाणा में होना विश्वविद्यालय और पूरे प्रदेश के लिए बड़े गौरव का विषय है। उन्होंने विश्वास जताया कि देश-विदेश से आ रहे शोधकर्ताओं के बीच होने वाले संवाद से विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को लेखांकन के क्षेत्र में आ रही बदलती तकनीकों और नीतियों को गहराई से समझने का बेहतरीन अवसर मिलेगा।
इन समकालीन विषयों पर होगी विशेष चर्चा
इस सम्मेलन और अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में कई महत्वपूर्ण और समकालीन विषयों पर गहन मंथन किया जाएगा, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
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तकनीक आधारित लेखांकन नवाचार
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जीएसटी 2.0 (GST 2.0) के आर्थिक प्रभाव
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‘विकसित भारत-2047’ में लेखांकन और वित्त की भूमिका
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (NEP 2020) के संदर्भ में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित लेखांकन शिक्षा
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रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम और गुणात्मक शोध पद्धतियां
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उद्योग (इंडस्ट्री) और शिक्षण संस्थानों के बीच आपसी सहयोग
तैयारियां पूरी, समितियों का गठन
आयोजन सचिव प्रो. आशीष माथुर ने जानकारी दी कि सम्मेलन की सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। दूर-दराज से आने वाले प्रतिभागियों की सुविधा के लिए आवास, आवागमन और पंजीकरण आदि व्यवस्थाओं के वास्ते विशेष टीमों का गठन किया गया है।
वहीं, सम्मेलन सचिव प्रो. राजेंद्र प्रसाद मीणा ने कहा कि यह सम्मेलन लेखांकन और वित्त के क्षेत्र में उभरते नए विषयों पर विचार-विमर्श करने के साथ-साथ नीति-निर्माताओं और शिक्षाविदों के लिए उपयोगी और व्यावहारिक सुझाव प्रस्तुत करने का एक बेहतरीन मंच प्रदान करेगा।

