Mahendragarh News: हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेवि), महेंद्रगढ़ में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती एवं राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर शनिवार को ‘सरदार/151 एकता मार्च’ का आयोजन किया गया।
विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की थीम ‘एक भारत: आत्मनिर्भर भारत’ रही। एकता मार्च का शुभारंभ विश्वविद्यालय परिसर स्थित वाई-फाई पार्क से किया गया, जिसमें प्रो. पायल कंवर चंदेल, प्रो. रेनु यादव, डॉ. अनिता कुमारी, नरेश कुमार सहित विश्वविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं एनएसएस स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेशवर कुमार ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन राष्ट्रीय एकता, दृढ़ संकल्प और कुशल नेतृत्व का प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि युवाओं को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र की एकता और अखंडता को बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय एकता की भावना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय एकता प्रतिज्ञा समारोह का भी आयोजन किया गया। इसमें प्रतिभागियों ने देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा बनाए रखने तथा राष्ट्र की एकजुटता के लिए समर्पित रहने की प्रतिज्ञा ली। इस अवसर पर सभी ने सरदार वल्लभभाई पटेल के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।
राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. प्रदीप कुमार ने कार्यक्रम का संयोजन किया। डॉ. युधवीर ने आयोजन में सहयोग दिया। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. नीलम ने कहा कि राष्ट्रीय एकता की भावना ही एक सशक्त राष्ट्र की नींव है।
ऐसे आयोजन युवाओं को देश की विविधता का सम्मान करना सिखाते हैं। डॉ. मोरू मारियो ने कहा कि युवाओं में अनुशासन, एकजुटता और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने में इस प्रकार के कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
एनएसएस इकाई द्वारा वस्त्र दान अभियान आयोजित
हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय एनएसएस इकाई द्वारा सामाजिक सरोकार एवं मानवता की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय परिसर में वस्त्र दान अभियान का भी आयोजन किया गया। इस अभियान का उद्देश्य ‘उड़ान पहल‘ से जुड़े वंचित एवं जरूरतमंद बच्चों को वस्त्र उपलब्ध करवाना और उनके जीवन में खुशियां एवं अपनत्व का भाव लाना था।

