Mandi Ateli News: चंदपुरा गांव के वीर सपूत को सम्मान, शहीद नरेश कुमार के नाम से जाना जाएगा सचिवालय
चंदपुरा गांव के वीर सपूत को सम्मान, शहीद नरेश कुमार के नाम से जाना जाएगा सचिवालय
Mandi Ateli News: देश की सरहदों और आंतरिक सुरक्षा के लिए अपनी जान न्योछावर करने वाले वीरों को भले ही कई बार अपनों के बीच पहचान मिलने में लंबा वक्त लग जाता है, लेकिन उनका सम्मान अमिट रहता है। मंडी अटेली क्षेत्र के गांव चंदपुरा के सीआरपीएफ जवान शहीद नरेश कुमार के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ।
शहादत के पूरे 29 साल बाद अब जाकर उन्हें वह प्रशासनिक और सामाजिक सम्मान मिला है जिसके वे हकदार थे। गांव की ग्राम पंचायत और जिला प्रशासन की संयुक्त कोशिशों के बाद अब चंदपुरा के ग्राम सचिवालय का आधिकारिक नामकरण शहीद नरेश कुमार के नाम पर कर दिया गया है। इस फैसले के बाद से पूरे इलाके में गर्व और देशभक्ति की एक अलग ही लहर दौड़ गई है।
त्रिपुरा में उग्रवादियों से लोहा लेते हुए दिया था बलिदान
शहीद के पारिवारिक इतिहास को देखें तो नरेश कुमार का जन्म साल 1965 में हुआ था। देश सेवा का जज्बा उनके भीतर कूट-कूट कर भरा था, जिसके चलते वे साल 1986 में अजमेर स्थित सीआरपीएफ कैंप में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे।
इसके बाद अपनी ड्यूटी निभाते हुए 7 मई 1997 का वह मनहूस दिन आया जब त्रिपुरा में उग्रवादियों के साथ हुई भीषण मुठभेड़ में उन्होंने अदम्य साहस का परिचय देते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। हालांकि इस शहादत को प्रशासनिक पन्नों और क्षेत्र की स्मृति में विधिवत अमर होने में लगभग तीन दशक का समय लग गया।
विरासत को आगे बढ़ा रहा है शहीद का परिवार
जब गांव के सचिवालय का नाम उनके नाम पर रखे जाने की घोषणा हुई, तो शहीद की वीरांगना शारदा देवी की आंखें नम हो गईं। उन्होंने इस सम्मान के लिए ग्राम पंचायत और प्रशासन का तहदिल से शुक्रिया अदा किया। गर्व की बात यह है कि देश सेवा की यह विरासत उनके परिवार में आज भी जिंदा है।
शहीद नरेश कुमार के सुपुत्र सुनील कुमार खुद सीआरपीएफ में सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात होकर देश की रक्षा में जुटे हैं। गौर करने वाली बात यह भी है कि चंदपुरा एक ऐसा वीर भूमि वाला गांव है, जिसने देश को तीन-तीन सपूतों की शहादत दी है। इनमें से शहीद रोहताश के नाम पर गांव के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल का नाम पहले ही रखा जा चुका है, जबकि शहीद कृष्ण कुमार के नामकरण की प्रक्रिया भी अभी चल रही है।
गणमान्य लोगों और पूर्व सैनिकों ने दी श्रद्धांजलि
इस नामकरण के मौके पर गांव में एक प्रेरणादायक माहौल देखने को मिला, जहां क्षेत्र के तमाम गणमान्य लोगों, पूर्व सैनिकों और सीआरपीएफ के सेवानिवृत्त अधिकारियों ने ग्राम सचिवालय पहुंचकर शहीद की तस्वीर पर पुष्प चक्र अर्पित किए।
इस गरिमामयी आयोजन में कैप्टन वेद प्रकाश यादव, सहायक कमांडेंट सतीश यादव, सीआरपीएफ से रिटायर्ड हवलदार अमीर सिंह, मंगतूराम, पंकज, आरपीएफ से बस्तीराम, तेजप्रकाश, कृष्ण ठेकेदार, संजय, रामकिशन, सोनू, हर्ष, राहुल और रोहित टिंकू समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और देशप्रेमी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में शहीद के शौर्य को नमन किया और युवाओं से उनके पदचिह्नों पर चलने की अपील की।
