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Miri Piri Institute Shahabad: मीरी-पीरी मेडिकल संस्थान में आर-पार की जंग, सीईओ के भरोसे पर टला मार्च

Miri Piri Institute Shahabad: मीरी-पीरी मेडिकल संस्थान में आर-पार की जंग, सीईओ के भरोसे पर टला मार्च

मीरी-पीरी मेडिकल संस्थान में आर-पार की जंग

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GGaganpreet Kaur

Miri Piri Institute Shahabad: कुरुक्षेत्र के शाहाबाद में स्थित मीरी-पीरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर में पिछले तीन महीनों से सैलरी न मिलने से भड़के कर्मचारियों का सब्र अब जवाब देने लगा है। संस्थान के भीतर चल रहे इस तीखे आंदोलन के बीच शनिवार को उस वक्त एक बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब भारी तनाव और नारेबाजी के बीच खुद ट्रस्ट के सीईओ (CEO) डॉ. संदीप इंद्र चीमा धरनास्थल पर पहुंच गए।

उन्होंने आक्रोशित स्टाफ के बीच जाकर उनसे सीधे संवाद किया और हाथ जोड़कर गुजारिश की कि मंगलवार तक इस गंभीर मसले का कोई न कोई मुकम्मल रास्ता निकाल लिया जाएगा। सीईओ के इस सीधे दखल के बाद कर्मचारी संघर्ष समिति ने सोमवार को होने वाले अपने बड़े आंदोलन को फिलहाल होल्ड पर डाल दिया है।

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चंडीगढ़ की बैठक बेनतीजा, अब मंगलवार पर टिकीं निगाहें

धरनास्थल पर कर्मचारियों को संबोधित करते हुए सीईओ डॉ. चीमा ने माना कि चंडीगढ़ में गुरुवार और शुक्रवार को लगातार दो दिनों तक ट्रस्ट के सदस्यों की मैराथन बैठक हुई थी। हालांकि, किन्हीं तकनीकी और आंतरिक कारणों की वजह से फिलहाल सैलरी रिलीज करने को लेकर कोई अंतिम सहमति नहीं बन सकी है। उन्होंने बताया कि अब आगामी मंगलवार को ट्रस्ट की कार्यकारिणी की एक बेहद अहम और निर्णायक बैठक दोबारा बुलाई गई है, जिसमें अटके हुए वेतन को हरी झंडी मिलने की पूरी उम्मीद है। दूसरी ओर, स्टाफ इस बार आर-पार के मूड में था और वे 20 जुलाई को सड़कों पर उतरने की पूरी तैयारी कर चुके थे।

चढ़ूनी की चेतावनी और परिवारों के साथ सड़क पर उतरने की थी तैयारी

गौरतलब है कि बीते शुक्रवार को ही भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने इस धरने को अपना खुला समर्थन दिया था। चढ़ूनी ने सीधे तौर पर चेतावनी जारी की थी कि अगर 20 जुलाई तक शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC), हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (HSGMC) और संस्थान के ट्रस्ट ने मिलकर इस स्टाफ की सुध नहीं ली, तो वे किसानों के साथ मिलकर बड़ा रोष मार्च निकालेंगे। संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रीतपाल सिंह ने रोष जताते हुए कहा कि वे ट्रस्ट से लेकर हरियाणा सरकार तक को दर्जनों मर्तबा गुहार लगा चुके हैं, लेकिन किसी के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। हालात ये हो गए थे कि सोमवार को कर्मचारी अपने मासूम बच्चों और परिवारों को लेकर सड़क पर बैठने वाले थे।

“अब आश्वासन नहीं, सीधे बैंक खाते में सैलरी चाहिए”

सीईओ डॉ. चीमा के दखल के बाद कर्मचारी संघर्ष समिति ने मैच्योरिटी दिखाते हुए 20 जुलाई के प्रस्तावित रोष मार्च को स्थगित करने का ऐलान तो कर दिया है, लेकिन साथ ही मैनेजमेंट को अंतिम अल्टीमेटम भी दे दिया है। समिति के पदाधिकारियों ने साफ लफ्जों में कहा है कि अब उनकी नजर सिर्फ और सिर्फ मंगलवार को होने वाली कार्यकारिणी की बैठक पर है।

अगर इस बैठक में भी उनकी रुकी हुई तीन महीने की तनख्वाह और संस्थान के डूबते भविष्य को लेकर कोई ठोस जमीनी फैसला नहीं लिया गया, तो बुधवार को शाहाबाद की सड़कों पर ऐतिहासिक रोष मार्च निकाला जाएगा और सीधे एसडीएम (SDM) को ज्ञापन सौंपकर व्यवस्था को ठप कर दिया जाएगा। कर्मचारियों ने साफ कह दिया है कि अब उन्हें कागजी वादे नहीं, बल्कि अपना हक चाहिए।

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