MLC election results: उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक की विधान परिषद की 28 सीटों के लिए मतगणना के दौरान कई अहम नतीजे सामने आए हैं। बिहार की पटना शिक्षक सीट पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के डॉ. संजीव कुमार ने भाजपा के वरिष्ठ नेता नवल किशोर यादव को हराकर करीब तीन दशक से चले आ रहे उनके जीत के सिलसिले को तोड़ दिया। वहीं, कर्नाटक में भाजपा और जनता दल (सेक्युलर) यानी जेडीएस के गठबंधन ने चारों सीटों पर जीत दर्ज की।
उत्तर प्रदेश में भाजपा ने अपनी कई सीटें बरकरार रखीं, जबकि समाजवादी पार्टी ने वाराणसी और आगरा की शिक्षक सीटों पर जीत हासिल की। दूसरी ओर, महाराष्ट्र में पांच सीटों पर मतगणना जारी रही। वहां शुरुआती रुझानों में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन तीन सीटों पर और विपक्षी महाविकास आघाड़ी दो सीटों पर आगे थी। बैलेट पेपर से चुनाव होने और वरीयता के आधार पर मतों की गिनती के कारण कुछ सीटों पर नतीजे आने में समय लगा।
उत्तर प्रदेश में भाजपा ने सीटें बरकरार रखीं
उत्तर प्रदेश की 11 विधान परिषद सीटों के लिए मतगणना में भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच मुकाबला देखने को मिला। उपलब्ध नतीजों के मुताबिक, भाजपा ने चार सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि सपा ने वाराणसी और आगरा की शिक्षक निर्वाचन सीटें अपने नाम कीं। शेष सीटों पर मतगणना और नतीजों की प्रक्रिया जारी थी। वाराणसी शिक्षक सीट पर समाजवादी पार्टी के लाल बिहारी यादव ने भाजपा के प्रमोद मिश्रा को हराया। आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने भाजपा के हरि किशोर तिवारी को पीछे छोड़ते हुए जीत दर्ज की। आगरा की स्नातक सीट पर भाजपा के डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह ने जीत हासिल की।
इलाहाबाद-झांसी स्नातक सीट पर सपा के डॉ. मान सिंह यादव की जीत की खबर भी सामने आई। गोरखपुर शिक्षक सीट पर भाजपा के ध्रुव कुमार त्रिपाठी और निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव के बीच मुकाबला रहा। मतगणना के दौरान भाजपा प्रत्याशी की बढ़त को लेकर विवाद और अनियमितताओं के आरोप भी सामने आए। ऐसे में इस सीट की स्थिति को लेकर आधिकारिक नतीजे और निर्वाचन अधिकारियों की पुष्टि अहम रही।
बिहार में पटना शिक्षक सीट पर 30 साल बाद भाजपा हारी
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों में चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के नतीजे घोषित हुए। पटना शिक्षक सीट पर RJD के डॉ. संजीव कुमार ने भाजपा के नवल किशोर यादव को 1,057 मतों से हराया। संजीव कुमार को 4,487 वोट मिले, जबकि नवल किशोर यादव को 3,430 वोट प्राप्त हुए। नवल किशोर यादव इस सीट से लगातार पांच बार जीत चुके थे। उनकी हार के साथ पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा का करीब तीन दशक पुराना चुनावी सिलसिला टूट गया। यह सीट बिहार के इन चुनावों के प्रमुख नतीजों में शामिल रही। तिरहुत शिक्षक सीट पर भाजपा के नरेंद्र सिंह ने 600 वोटों से जीत दर्ज की। सारण शिक्षक सीट पर भाजपा के बागी और निर्दलीय प्रत्याशी राहुल राज ने 1,815 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। दरभंगा शिक्षक सीट पर जन सुराज पार्टी के सुरेश प्रसाद राय विजयी रहे। उन्होंने कांग्रेस के मौजूदा एमएलसी मदन मोहन झा को 324 वोटों से हराया। बिहार की चार स्नातक निर्वाचन सीटों पर मतगणना भी जारी रही। इन सीटों पर अंतिम नतीजों के लिए वरीयता के मतों की गिनती अहम थी। इसलिए शुरुआती बढ़त को अंतिम जीत मानने से बचना जरूरी था।
कर्नाटक में भाजपा ने तीन सीटें रखीं, जेडीएस ने कांग्रेस से छीनी एक सीट
कर्नाटक की विधान परिषद की चार सीटों पर भाजपा-जेडीएस गठबंधन ने जीत दर्ज की। भाजपा ने अपनी तीनों सीटें बरकरार रखीं, जबकि जेडीएस ने कांग्रेस से एक सीट छीन ली। इस तरह चारों सीटें गठबंधन के खाते में गईं और कांग्रेस को किसी सीट पर जीत नहीं मिली। बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के समर्थन से चुनाव लड़ रहे जेडीएस प्रत्याशी एपी रंगनाथ ने कांग्रेस के मौजूदा एमएलसी पुट्टन्ना को 908 वोटों से हराया। रंगनाथ को 10,810 वोट मिले, जबकि पुट्टन्ना को 9,902 मत प्राप्त हुए। उत्तर-पूर्व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के मौजूदा एमएलसी शशिल जी. नामोशी ने कांग्रेस प्रत्याशी शरणप्पा मत्तूर को 3,297 वोटों से हराया।
नामोशी को 15,596 और मत्तूर को 12,299 वोट मिले। पार्टी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, नामोशी ने इस सीट पर लगातार पांचवीं बार जीत दर्ज की। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस को जनता का समर्थन नहीं मिला। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव बैलेट पेपर और बैलेट बॉक्स के जरिए कराए गए थे। कांग्रेस पर वोट चोरी के आरोपों को लेकर निशाना साधते हुए त्रिवेदी ने दावा किया कि पार्टी अपने चुनावी प्रदर्शन से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है। यह भाजपा प्रवक्ता की राजनीतिक प्रतिक्रिया है।
महाराष्ट्र में पांच सीटों पर मतगणना, महायुति और विपक्ष के बीच मुकाबला
महाराष्ट्र की पांच विधान परिषद सीटों पर मतगणना जारी रही। शुरुआती रुझानों में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन तीन सीटों पर और विपक्षी महाविकास आघाड़ी दो सीटों पर आगे थी। महायुति में भाजपा, शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शामिल हैं, जबकि महाविकास आघाड़ी विपक्षी गठबंधन है। रुझानों के अनुसार, भाजपा पुणे शिक्षक और नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में आगे थी। शिवसेना के उम्मीदवार अमरावती शिक्षक सीट पर बढ़त बनाए हुए थे। दूसरी ओर, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के उम्मीदवार पुणे स्नातक और औरंगाबाद स्नातक सीटों पर आगे चल रहे थे।महाराष्ट्र में मतगणना लंबी खिंचने की वजह बैलेट पेपर और वरीयता आधारित मतगणना रही। ऐसे चुनावों में पहली वरीयता के मतों से जीत का कोटा पूरा नहीं होने पर दूसरी और आगे की वरीयताओं की गिनती करनी पड़ सकती है। इसलिए इन सीटों पर शुरुआती रुझानों और अंतिम परिणामों में अंतर संभव था।
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