Nangal Chaudhary News: एसडीएम उदय सिंह ने अपने कार्यालय में उप-मण्डल स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक के दौरान एसडीएम ने बताया कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत प्रशासन द्वारा विभिन्न अधिकारियों की भूमिका तय करने तथा जिला प्रशासन से प्राप्त विभिन्न रिपोर्टों का पुनरावलोकन करने के उद्देश्य से इस सतर्कता कमेटी का गठन किया गया है।
उन्होंने योजना के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इस अधिनियम के तहत गैर-अनुसूचित जाति के व्यक्तियों द्वारा अनुसूचित जाति के व्यक्तियों पर अत्याचार किए जाने के फलस्वरूप पीड़ित व्यक्तियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
यह राहत राशि विभिन्न प्रकार के अपराधों और अत्याचारों जैसे ट्यूबवेल को नुकसान पहुंचाने, चल-अचल संपत्ति की हानि, स्थाई या अस्थाई अपंगता, बलात्कार तथा हत्या जैसे मामलों में प्रदान किए जाने का प्रावधान है।
एसडीएम उदय सिंह ने स्पष्ट किया कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989, नियम 1995 व 2011 के सेक्शन 3 नियम 12 (4) के राहत राशि मापदंड 2016 के अनुसार ऐसे मामलों में 1 लाख रुपये से लेकर 8 लाख 25 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है, जिनकी एफआईआर इस अधिनियम के तहत दर्ज की गई हो।
बैठक में जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय से तहसील कल्याण अधिकारी ममता, तहसीलदार निशा, बीडीपीओ ईशान शर्मा, सब-इंस्पेक्टर पवन कुमार तथा होशियार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
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