Neeraj Yadav Death: भारतीय खेल जगत से एक बेहद दुखद और हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। एशियन पैरा गेम्स में देश का नाम रोशन करने वाले और तीन बार के स्वर्ण पदक विजेता नीरज यादव का मंगलवार रात निधन हो गया। 42 वर्षीय नीरज F-55 कैटेगरी के एथलीट थे, जो बैठकर थ्रो (जेवलिन व डिस्कस) करने की स्पर्धाओं में भाग लेते थे। शुरुआती जानकारियों के मुताबिक, सोनीपत स्थित उनके अपार्टमेंट में वे बेहोशी की हालत में मिले थे, जिसके बाद उन्हें तुरंत दिल्ली के जीटीबी (GTB) अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बुधवार को दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में उनके शव का पोस्टमार्टम करवाया गया, हालांकि मौत की आधिकारिक वजह का खुलासा रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
डोपिंग बैन, मेडल वापस और आर्थिक तंगी का दंश
नीरज यादव के मुख्य पैरा-एथलेटिक्स कोच एस. सत्यनारायण के अनुसार, नीरज पिछले कुछ समय से बेहद कठिन दौर से गुजर रहे थे। साल 2023 में हांगझोउ एशियन पैरा गेम्स में नीरज ने जेवलिन थ्रो और डिस्कस थ्रो में भारत के लिए दो ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीते थे। लेकिन इसके तुरंत बाद डोपिंग टेस्ट में फेल होने के कारण उन पर 4 साल का कड़ा प्रतिबंध लगा दिया गया और उनके दोनों पदक वापस ले लिए गए। इस प्रतिबंध का झटका इतना बड़ा था कि उन्हें मिलने वाली सरकारी नौकरी की उम्मीदें भी टूट गईं। कोच ने खुलासा किया कि नीरज के परिवार का गुजारा साल 2018 के एशियन गेम्स में मिली इनामी राशि के भरोसे ही चल रहा था।
6 महीने से परिवार से दूर, डिप्रेशन में उठाया आत्मघाती कदम!
कोच सत्यनारायण ने बताया कि पारिवारिक और मानसिक परेशानियों के चलते नीरज पिछले 6 महीनों से अपनी मां और पत्नी से अलग सोनीपत के एक अपार्टमेंट में अकेले रह रहे थे। उनकी मां, पत्नी और गोद ली हुई छोटी बच्ची दिल्ली-यूपी सीमा के पास रहते हैं। आगामी नागोया एशियन पैरा गेम्स में हिस्सा लेने की तीव्र इच्छा रखने वाले नीरज ने हाल ही में कोच से ट्रायल्स के बारे में पूछा भी था, लेकिन 4 साल का बैन जारी रहने के कारण उन्हें निराशा ही हाथ लगी। खेल से दूरी, छिन चुका सम्मान और लगातार गहराते आर्थिक संकट के कारण वे गहरे भावनात्मक तनाव (डिप्रेशन) में थे। कोच ने आशंका जताई है कि इसी हताशा में उन्होंने जहर खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।
खेल जगत में शोक, अस्पताल पहुंचे सुमित अंतिल
नीरज यादव के अचानक इस दुनिया से चले जाने की खबर मिलते ही पैरा-एथलेटिक्स जगत में शोक की लहर दौड़ गई। पैरालिंपिक चैंपियन सुमित अंतिल और साथी पैरा-एथलीट विपिन कसाना खबर मिलते ही दिल्ली के जीटीबी अस्पताल पहुंचे और परिवार को ढांढस बंधाया। एक होनहार खिलाड़ी का इस तरह खामोशी और गुमनामी के बीच चले जाना भारतीय पैरा-खेलों के लिए एक बड़ा और दुखद झटका है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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