Molly Carlson iceberg dive: कल्पना कीजिए कि आप समुद्र के बीचों-बीच तैरते हुए किसी विशालकाय बर्फ के पहाड़ पर खड़े हों, जहां से नीचे देखने पर ही रोंगटे खड़े हो जाएं और फिर आप वहां से सीधे बर्फीले पानी में छलांग लगा दें। सुनने में भले ही यह किसी खौफनाक सपने जैसा लगे, लेकिन कनाडा की साहसी हाई डाइवर मौली कार्लसन (Canadian high diver Molly Carlson) ने इस असंभव से दिखने वाले चैलेंज को सच कर दिखाया है।
उन्होंने न्यूफाउंडलैंड के पास अटलांटिक महासागर में एक तैरते हुए आइसबर्ग (Atlantic Ocean stunt) के करीब 15 मीटर ऊपर से बैकवर्ड डाइव लगाकर नया इतिहास रच दिया है। इस अनोखे और खतरनाक कारनामे के साथ ही मौली दुनिया की ऐसी पहली महिला बन गई हैं, जिन्होंने तैरते हिमखंड से इतनी ऊंचाई से छलांग लगाई है।
मौत को मात देने वाला वह खतरनाक सफर
मौली की इस रोंगटे खड़े कर देने वाली छलांग का वीडियो (Red Bull cliff diving) रेड बुल (Newfoundland iceberg dive) द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए जाने के बाद से यह चर्चा का विषय बना हुआ है। सामने आए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे मौली विशेष वेटसूट पहने हुए उस विशाल बर्फ के पहाड़ पर चढ़ रही हैं।
इस बेहद जोखिम भरे काम में कनाडा के जाने-माने क्लाइंबर और पैराग्लाइडिंग पायलट विल गैड ने उनका साथ दिया। बर्फ की सतह बेहद फिसलन भरी होती है और जरा सी चूक जिंदगी पर भारी पड़ सकती है, इसलिए विल गैड ने मौली को आइस टूल्स और क्रैम्पॉन यानी बर्फ पर मजबूत पकड़ बनाने वाले जूतों का इस्तेमाल करना सिखाया। तमाम सुरक्षा सावधानियों को बरतते हुए आखिरकार मौली हिमखंड के छोर तक पहुंचीं और बिना एक पल गंवाए ठंडे समंदर में कूद पड़ीं।
पानी से बाहर आते ही छूट गई थी कंपकंपी
भले ही यह स्टंट कुछ सेकंड का था, लेकिन इसके पीछे महीनों की कड़ी मेहनत और मानसिक तैयारी जुड़ी थी। अपनी एक यूट्यूब डॉक्यूमेंट्री में खुद मौली ने इस बात को स्वीकार किया कि यह उनके पूरे करियर का सबसे डरावना अनुभव रहा है। उन्होंने बताया कि समुद्र में तैरते हिमखंड बेहद अस्थिर और खतरनाक होते हैं।
करीब 15 मीटर की ऊंचाई से जब उन्होंने बर्फीले पानी में छलांग लगाई, तो ठंड का अहसास रीढ़ की हड्डी तक पहुंच गया था। पानी से बाहर निकलते ही उनके दिमाग में बस एक ही बात चल रही थी कि किसी तरह जल्द से जल्द तैरकर सुरक्षित जगह पर पहुंचा जाए। उनके मुताबिक, वह पल ऐसा था जब दिमाग सिर्फ सर्वाइवल यानी बचने के बारे में सोच रहा था।
रिकॉर्ड से बढ़कर थी यह जिंदगी की सीख
रेड बुल क्लिफ डाइविंग के बैनर तले पूरा हुआ यह अभियान मौली के लिए सिर्फ एक रोमांचक रिकॉर्ड तक सीमित नहीं रहा। उनका मानना है कि ये हिमखंड इंसानी जिंदगी की असलियत को बयां करते हैं।
जिस तरह किसी आइसबर्ग का बहुत छोटा हिस्सा ही पानी के ऊपर नजर आता है और उसका विशालकाय वजूद पानी के भीतर छिपा रहता है, ठीक वैसे ही इंसान के भीतर भी कई छुपे हुए डर, संघर्ष और जज्बात होते हैं जो दुनिया को नहीं दिखते। इस ऐतिहासिक छलांग ने यह साबित कर दिया है कि अगर हौसला बुलंद हो, तो प्रकृति की सबसे बड़ी चुनौतियों को भी पार किया जा सकता है।
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