Nangal Chaudhary : जोहड़ में भैंस नहलाने गए बुजुर्ग का दलदल में संतुलन बिगड़ने पर डूबने से मौत, पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंपा

मृतक को एंबूलेंस की मदद से अस्पताल लेकर जाती पुलिस।
Nangal Chaudhary : (विजय यादव) नांगल नुनिया में शुक्रवार सुबह एक बुजुर्ग जोहड़ में भैंसों को पानी पिलाने गया था, वहां नहलाने के के दौरान दलदल में शरीर का संतुलन बिगड़ गया। जिसकी डूबने से मौके पर ही मौत हो गई।
सूचना पाकर घटना स्थल पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव को बाहर निकाला, तथा पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया है। चिंतित ग्रामीणों ने जोहड़ पर सेफ्टी प्रबंध करने की गुहार लगाई है।
जानकारी के अनुसार करीब 75 वर्षीय उदय सिंह मीणा रोजमर्रा की तरह शुक्रवार सुबह अपनी भैंस को नहलाने के लिए गांव के जोहड़ की ओर गए थे। इसी दौरान पानी के पास अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और पैर फिसलने से वह जोहड़ के गहरे पानी में जा गिरे।
करीब एक घंटे तक बुजुर्ग के घर नहीं पहुंचने पर उन्हें चिंता हो गई तथा तलाशी आरंभ कर दी। इस दौरान उन्हें जोहड़ में दलदल में फंसा हुआ व्यक्ति दिखाई दिया। इसके बाद तत्परता पूर्वक पीड़ित को बाहर निकाला लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
उन्होंने तुरंत 112 पर डायल करके पुलिस को घटना से अवगत कराया। इसके बाद पीड़ित को नांगल चौधरी सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा मृत घोषित करने पर पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज किए। इत्फाकिया कार्रवाई करके पोस्टमार्टम कराया गया है।
जोहड़ पर सुरक्षा इंतजामों का प्रबंध करने की मांग
हादसे के बाद ग्रामीणों ने जोहड़ की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जोहड़ के चारों तरफ सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग है और न ही ऐसे स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, जहां गहराई अधिक है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांवों के जोहड़ों की स्थिति का सर्वे कराकर चारदीवारी, बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड सहित जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
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