Nangal Chaudhary : रबी बिजाई से पहले डीएपी खाद की किल्लत और जबरन अन्य उत्पाद थोपे जाने पर जेजेपी हलका प्रधान प्रमोद ताखर ने सरकार को घेरा, बाजरे की खरीद शुरू न होने पर भी जताई चिंता
एडवोकेट प्रमोद ताखर, हलका प्रधान जेजेपी।
Nangal Chaudhary :(विजय़ यादव) रबी सीजन की बिजाई से पहले खाद की उपलब्धता को लेकर किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। बाजार में डीएपी खाद की किल्लत को लेकर जननायक जनता पार्टी के हलका प्रधान एडवोकेट प्रमोद ताखर ने सरकार पर किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने में विफल रहने का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा कि अगले महीने से सरसों की बिजाई शुरू होनी है और किसान अभी से डीएपी की व्यवस्था करने में जुटे हैं, लेकिन बाजार में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं है।
उन्होंने कहा कि जिन दुकानों पर डीएपी उपलब्ध है, वहां किसानों को खाद के साथ अन्य उत्पाद खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इससे किसानों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ रहा है। आरोप लगाया कि खाद की कमी का फायदा उठाकर कालाबाजारी को बढ़ावा मिल रहा है।
उन्होंने प्रशासन से खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ दुकानों पर निगरानी बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसान पहले ही मौसम और फसल लागत जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में बिजाई के समय खाद के लिए भटकना उनकी परेशानी को और बढ़ा रहा है। किसानों को निर्धारित दरों पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
बाजरे की खरीद का भी इंतजार, गांवों में सौदागर हुए सक्रिय
ताखर ने कहा कि क्षेत्र के किसानों ने बाजरे की उपज निकालना आरंभ कर दिया और अब उसे मंडी में समर्थन मूल्य पर बेचने की तैयारी कर रहे हैं। लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से मंडियों में खरीद को लेकर पर्याप्त तैयारियां नजर नहीं आ रही हैं। जिस कारण गांवों में औने-पौने भावों में बाजरा खरीदने के लिए सौदागर सक्रिय हो गए हैं।
