Pehowa Murder Case: पिहोवा में रास्ते के विवाद में चले तलवार-डंडे, घायल युवक ने अस्पताल में तोड़ा दम
पिहोवा में रास्ते के विवाद में चले तलवार-डंडे, घायल युवक ने अस्पताल में तोड़ा दम
Pehowa Murder Case: कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा में बीते 14 सितंबर की रात रास्ते के एक मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया था। पिहोवा के मुख्य बाजार में फॉर्च्यूनर सवार युवकों ने पीवीसी (PVC) लगाने का काम करने वाले 29 वर्षीय गुरप्रीत सिंह और उनके भाई गगनदीप पर तेजधार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया था। सिर पर तलवार के गंभीर वार लगने के कारण गुरप्रीत की हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी। चंडीगढ़ रेफर किए जाने के बाद परिजन उन्हें कुरुक्षेत्र के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराए हुए थे, जहां शनिवार सुबह इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
मेन चौक पर परिजनों का हंगामा, पुलिस की कार्यशैली पर उठाए सवाल
गुरप्रीत की मौत की खबर जैसे ही उनके गांव स्यालकोर्ट फार्म पहुंची, परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। इंसाफ की मांग को लेकर परिजनों ने शनिवार को पिहोवा के मेन चौक पर कुरुक्षेत्र-पटियाला मार्ग को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर आरोपियों के खिलाफ ढिलाई बरतने का आरोप लगाते हुए जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की। करीब 6 साल पहले लव मैरिज करने वाले गुरप्रीत अपने पीछे पत्नी और एक छोटे मासूम बेटे को छोड़ गए हैं, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
तलवार से किए थे सिर पर कई वार, दोस्त ने भागकर बचाई थी जान
घटनाक्रम के मुताबिक 14 सितंबर की रात सवा नौ बजे गगनदीप अपने दोस्त अभिषेक और ताऊ के बेटे गुरप्रीत के साथ इनोवा कार से सामान लेने बाजार गए थे। इसी दौरान सफेद रंग की फॉर्च्यूनर (HR41BB-8792) कार के चालक ने उनकी गाड़ी का रास्ता रोक लिया। विरोध करने पर फॉर्च्यूनर से उतरे कर्ण पंडित नाम के युवक ने अपने साथी के साथ मिलकर गगनदीप और गुरप्रीत पर तलवार व डंडों से हमला कर दिया। हमले में गुरप्रीत का सिर बुरी तरह जख्मी हो गया था, जबकि तीसरे साथी अभिषेक ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई।
रंजिश नहीं, सिर्फ तकरार बनी वजह; पुलिस ने बढ़ाई हत्या की धारा
थाना सिटी पिहोवा के एसएचओ सुनील वत्स ने बताया कि शुरुआती जांच में दोनों पक्षों के बीच किसी पुरानी रंजिश की बात सामने नहीं आई है। उस रात गाड़ी आगे-पीछे करने और रास्ते को लेकर ही विवाद बढ़ा था। पुलिस ने घटना के अगले ही दिन यानी 15 सितंबर को आरोपी कर्ण पंडित और उसके साथी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। अब युवक की मौत के बाद एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (हत्या) जोड़ दी गई है और आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है।
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