Narnaul : ऑनलाइन डॉक्टर की बुकिंग पड़ी भारी, नारनौल के व्यक्ति से 1.39 लाख ठगने वाला आरोपी राजस्थान से काबू

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी ।
Narnaul : महेंद्रगढ़ जिले की नारनौल साइबर क्राइम थाना पुलिस ने ऑनलाइन डॉक्टर की अपॉइंटमेंट बुक करने के नाम पर एक व्यक्ति से 1.39 लाख रुपये की ठगी करने वाले शातिर आरोपी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है।
पुलिस ने तकनीकी और बैंकिंग साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को राजस्थान के तिजारा (भिवाड़ी) क्षेत्र से दबोच लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान भिवाड़ी निवासी सुशांत के रूप में हुई है।
पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार के निर्देश पर जिले में साइबर अपराधों पर लगाम कसने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में निजामपुर पुलिस थाना अंतर्गत यह कार्रवाई अमल में लाई गई।
शिकायतकर्ता फूल सिंह, जो मूलरूप से नारनौल के गांव नांगल दुर्ग के रहने वाले हैं और दिल्ली में नौकरी करते हैं, ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने 2 जून 2026 को गूगल पर ऑनलाइन डॉक्टर से चेकअप के लिए अपॉइंटमेंट बुक करने हेतु सर्च किया था।
सर्च के दौरान उन्हें एक मोबाइल नंबर मिला, जिस पर संपर्क करने पर सामने वाले व्यक्ति ने उनके व्हाट्सएप पर ‘अपॉइंटमेंट बुकिंग एपीके’ नाम से एक फाइल भेजी।
ठगों के झांसे में आकर शिकायतकर्ता ने उस एपीके फाइल को खोलकर उसमें अपनी जरूरी जानकारी भर दी। इसके बाद उन्हें लिंक काम न करने का बहाना बनाकर बाद में कोशिश करने को कहा गया।
इसके कुछ दिनों बाद, 11 जून 2026 को उनके बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते से दो बार में 49,998-49,998 रुपये और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के खाते से दो बार में 19,999-19,999 रुपये कटने के संदेश प्राप्त हुए।
अचानक खातों से बड़ी रकम कटने का अहसास होते ही पीड़ित ने तुरंत अपना मोबाइल रीसेट किया और बिना देर किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। नारनौल साइबर थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत बैंक खातों के लेन-देन की तकनीकी जांच शुरू की।
जांच में सामने आया कि ठगी गई कुल राशि में से 1 लाख रुपये एक फर्जी फर्म के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। पुलिस ने इसी डिजिटल ट्रेल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी सुशांत तक पहुंच बनाई और उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि इस साइबर ठगी नेटवर्क में शामिल अन्य आरोपियों की संलिप्तता का भी खुलासा किया जा सके।
पुलिस की आमजन से अपील
साइबर थाना नारनौल ने नागरिकों को आगाह करते हुए अपील की है कि अनजान व्यक्तियों द्वारा भेजे गए किसी भी प्रकार के APK फाइल, संदिग्ध लिंक या अनवेरिफाइड एप्लीकेशन को भूलकर भी डाउनलोड या इंस्टॉल न करें।
साथ ही, अपनी बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो घबराएं नहीं और तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या नजदीकी पुलिस थाने में सूचना दें ताकि समय रहते ठगी की गई रकम को होल्ड कराया जा सके।
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