Narnaul: गौमाता केवल हमारी आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और सेवा भावना का आधार हैं

Narnaul: श्री उपचार गौशाला नारनौल में रविवार को गौभक्त विनीत पिलानिया की ओर से गौमाताओं की सेवा में हरी सब्जी एवं दलिए की सवामणी लगाई गई। श्रद्धालुओं ने गौमाताओं को अपने हाथों से हरी सब्जी एवं दलिया खिलाकर सेवा का पुण्य लाभ प्राप्त किया।इस अवसर पर विनीत जी पिलानिया ने कहा कि गौमाता केवल हमारी आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और सेवा भावना का आधार हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में जन्मदिन, विवाह की वर्षगांठ, पुण्यतिथि या किसी भी शुभ अवसर पर अनावश्यक खर्च करने के बजाय यदि गौ माता की सेवा में हरा चारा, हरी सब्जी, दलिया अथवा अन्य उपयोगी सामग्री अर्पित की जाए तो इससे एक ओर गौ माता की सेवा होती है, वहीं दूसरी ओर समाज में दया और करुणा का संदेश भी जाता है।
राजेश यादव ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति अपने जन्मदिन पर गौमाता को हरा चारा खिलाता है, विवाह की वर्षगांठ पर गौशाला में सेवा करता है या अपने किसी प्रियजन की पुण्यतिथि पर गौमाताओं के लिए भोजन की व्यवस्था करता है, तो यह उस दिन को सार्थक और यादगार बनाने का सुंदर माध्यम है।गौशाला प्रधान गंगाराम सैनी ने सभी गौ भक्तों से आह्वान किया कि वे अपनी सामर्थ्य के अनुसार गौशालाओं में सेवा के लिए आगे आएं और अन्य लोगों को भी गौ सेवा के लिए प्रेरित करें।
इस अवसर पर राजेश यादव, सुरेश यादव, सज्जन सिंह, गजेंद्र नंबरदार, मुकेश वालिया, सतीश जी भल्ला, रमेश गर्ग, भव्य गर्ग, चेतन प्रकाश गर्ग, प्रेम गर्ग सहित काफी संख्या में गौ भक्त उपस्थित रहे। सभी ने गौमाता की सेवा में अपना सहयोग दिया और गौशाला में नियमित रूप से सेवा कार्य करने का संकल्प लिया। गौसेवा केवल एक दिन का कार्य नहीं, बल्कि जीवन में अपनाई जाने वाली सेवा और संस्कार की भावना है।
