Narnaul: जिला के कई कांग्रेसी नेताओं को आज सीजेपी के प्रोटेस्ट के चलते घर में नजरबंद कर लिया गया। इनमें कांग्रेस के जिला प्रधान सतबीर झुकिया व कांग्रेस पंचायती राज संगठन के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र पराशर सहित अनेक नेता शामिल हैं। कांग्रेसी नेता दिल्ली में राहुल गांधी के नेतृत्व में प्रदर्शन में भाग लेने के लिए जाने वाले थे। वहीं कांग्रेस की महिला जिला अध्यक्ष डा. राजवति के घर भी पुलिस पहुंची, मगर उनको हाउस अरेस्ट नहीं किया गया।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित आंदोलन में शामिल होने से रोकने के लिए पुलिस ने आज कांग्रेसी नेताओं के घर पर जाकर यह कार्रवाई की। इस घटनाक्रम के बाद जिले के राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई। सतबीर झुकिया ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ बताया। वहीं कांग्रेसी धीरज शर्मा व सुंदर सोनी को भी सतबीर झुकिया के घर हाउस अरेस्ट किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने उनके घर पहुंचकर उन्हें घर पर ही रहने को कहां। इस प्रकार उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार राहुल गांधी के नेतृत्व में SIR के विरोध में चल रहे आंदोलन और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर पूरे देश में हो रहें आंदोलन से पूरी तरह डरी हुई है।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष सतबीर झुकिया ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने का अधिकार है। किसी व्यक्ति को आंदोलन में शामिल होने से रोकने के लिए उसे घर पर नजरबंद करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति जताने और अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन महत्वपूर्ण माध्यम है।
उन्होंने कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सभी नागरिकों को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए। शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल होने से रोकना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
सतबीर झुकिया ने कांग्रेसी नेताओं की नजरबंदी की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र में विरोध की आवाज को दबाने के बजाय लोगों को अपनी बात रखने का अवसर दिया जाना चाहिए।
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