August 3, 2026

Narnaul DLSA Campaign: नारनौल में ‘मेडिएशन फॉर द नेशन 3.0’ का आगाज, आपसी सहमति से सुलझेंगे कोर्ट के पुराने विवाद

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Narnaul DLSA Campaign: नारनौल में 'मेडिएशन फॉर द नेशन 3.0' का आगाज, आपसी सहमति से सुलझेंगे कोर्ट के पुराने विवाद

नारनौल में 'मेडिएशन फॉर द नेशन 3.0' का आगाज, आपसी सहमति से सुलझेंगे कोर्ट के पुराने विवाद

Narnaul DLSA Campaign: अदालतों के चक्कर काटने और सालों-साल मुकदमेबाजी झेलने से परेशान आमजन के लिए राहत भरी खबर है। नारनौल में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) ने विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए देशव्यापी ‘मेडिएशन फॉर द नेशन 3.0’ अभियान की तैयारियां तेज कर दी हैं। जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. रितु वाई.के. बहल के मार्गदर्शन में शुरू हुए इस अभियान का मकसद अदालतों में लंबित मामलों का बोझ कम करना और दोनों पक्षों की रजामंदी से मामलों को हमेशा के लिए खत्म करना है।

क्या है ‘मेडिएशन फॉर द नेशन 3.0’ और इसकी रूपरेखा?

राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण (NALSA) और सुप्रीम कोर्ट की मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति के दिशा-निर्देशों के तहत यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नीलम कुमारी ने जानकारी दी कि अभियान के शुरुआती चरण में 1 अगस्त 2026 से 30 सितंबर 2026 तक मध्यस्थता योग्य मामलों की पहचान की जाएगी। इसके बाद 1 अक्टूबर 2026 से इस अभियान का औपचारिक शुभारंभ होगा, जिसके तहत पेंडिंग मामलों को सुलह के लिए चिन्हित किया जाएगा।

किन मामलों का होगा आपसी सहमति से निपटारा?

इस अभियान के दायरे में विभिन्न तरह के सिविल और आपराधिक समझौते योग्य मामलों को शामिल किया गया है। इनमें मुख्य रूप से वैवाहिक विवाद, घरेलू हिंसा, मोटर दुर्घटना दावा, चेक बाउंस, व्यापारिक व वाणिज्यिक विवाद, उपभोक्ता फोरम के मामले और संपत्ति विभाजन से जुड़े मुकदमे शामिल हैं। इसके अलावा किरायेदारी और अन्य आपसी मनमुटाव वाले मामलों को भी कोर्ट के बाहर मध्यस्थता के जरिए सुलझाया जा सकेगा।

मध्यस्थता प्रक्रिया के फायदे और पूरी गोपनीयता

मध्यस्थता यानी मेडिएशन एक बेहद प्रभावी और गोपनीय प्रक्रिया है, जिसमें एक निष्पक्ष मध्यस्थ दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर सर्वमान्य समाधान तक पहुंचाता है। इससे न केवल मुकदमों पर होने वाले भारी-भरकम खर्च और समय की बचत होती है, बल्कि अदालती तनाव से भी बड़ी राहत मिलती है। सबसे अहम बात यह है कि इस प्रक्रिया में मुकदमे की कड़वाहट खत्म होती है और आपसी संबंध हमेशा के लिए सुरक्षित बने रहते हैं।

कहां और कैसे उठाएं इस विशेष अभियान का लाभ?

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने नारनौल के सभी नागरिकों, अधिवक्ताओं और वादी-प्रतिवादियों से अपील की है कि वे इस मुहिम का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। जो लोग अपने मामलों को मेडिएशन के जरिए सुलझाना चाहते हैं, वे जिला न्यायालय परिसर स्थित मध्यस्थता एवं सुलह केंद्र या सीधे प्राधिकरण कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। अदालतों के नोटिस बोर्ड और अन्य माध्यमों पर भी योग्य मामलों की सूची प्रदर्शित की जा रही है ताकि लोग आसानी से इसका हिस्सा बन सकें।

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