Narnaul: राजकीय महाविद्यालय नारनौल में‘ हिंदी दिवस’ के उपलक्ष्य में आज महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. कृष्ण कुमार के मार्गदर्शन तथा हिंदी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में स्लोगन राइटिंग (नारा लेखन) एवं पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया।
प्राचार्य डॉ. कृष्ण कुमार ने संबोधन करते हुए कहा कि हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और पहचान की अभिव्यक्ति है। उन्होंने विद्यार्थियों से दैनिक जीवन में हिंदी भाषा का अधिक से अधिक प्रयोग करने तथा हिंदी के प्रति गौरव की भावना विकसित करने का आह्वान किया।
पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने कैनवास एवं चार्ट पेपर पर रंग-बिरंगे चित्रों और रचनात्मक अभिव्यक्तियों के माध्यम से ‘हिंदी की महत्ता’, ‘राष्ट्रभाषा का गौरव’ सहित विभिन्न विषयों पर आकर्षक एवं संदेशपरक पोस्टर तैयार किए। वहीं स्लोगन राइटिंग प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने प्रभावशाली एवं प्रेरणादायक नारों के माध्यम से अपनी लेखन प्रतिभा और रचनात्मक सोच का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता में एम.ए. हिंदी की छात्रा उमा बाई ने प्रथम स्थान, बी.ए. हिंदी की छात्रा महक ने द्वितीय स्थान तथा एम.ए. हिंदी के छात्र कुलदीप ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। महाविद्यालय की ओर से सभी विजेता प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. योगेश यादव का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम की संयोजक प्रोफेसर मीना यादव ने उपस्थित सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विद्यार्थियों को हिंदी भाषा के प्रति गौरव की भावना विकसित करने तथा अपनी रचनात्मक एवं सृजनात्मक क्षमताओं को निखारने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर प्रोफेसर हवा सिंह यादव, प्रोफेसर डॉ. नरेश यादव, वरिष्ठ लिपिक मंजीत, हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. योगेश यादव, प्रोफेसर मीना यादव, शिव डॉ. मनप्रीत कौर एवं अजय तंवर सहित अन्य शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
Narnaul: हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और पहचान की अभिव्यक्ति है

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