Narnaul News: विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान जिन मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं आ सके, उनके लिए अच्छी खबर है। भारत निर्वाचन आयोग ने ऐसे मतदाताओं को अंतिम मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का एक और मौका देने का निर्णय लिया है। उपायुक्त अनुपमा अंजली ने जिले के सभी पात्र नागरिकों से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की है।
यह मौका उन मतदाताओं के लिए है, जिन्हें गणना फॉर्म दिए गए थे, लेकिन वे भरकर वापस नहीं आए और उन्हें अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या दोहरी प्रविष्टि (एएसडीडी) की श्रेणी में रखकर ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं किया गया।
ऐसे मतदाताओं की बूथवार सूची, नाम न जुड़ने के संभावित कारणों सहित, दोबारा मतदान केंद्रों के नोटिस बोर्ड, पंचायत भवनों, शहरी स्थानीय निकाय कार्यालयों और खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालयों में प्रदर्शित की जाएगी। यह सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर भी पीडीएफ के रूप में उपलब्ध रहेगी।
जो मतदाता उसी पते पर रह रहे हैं, वे गणना फॉर्म भरकर हस्ताक्षर करें और उसके साथ एक कथन (परिशिष्ट-ख) लगाएं, जिसमें बताएं कि फॉर्म पहले क्यों जमा नहीं हो सका। यह फॉर्म वे खुद या परिवार के किसी सदस्य के माध्यम से ईआरओ, एईआरओ या बीएलओ को दे सकते हैं।
जो मतदाता राज्य के भीतर किसी दूसरी जगह चले गए हैं, उन्हें अलग से फॉर्म-8 भरने की जरूरत नहीं है। वे गणना फॉर्म के साथ परिशिष्ट-ग का कथन भरें, जिसमें नया पता और विधानसभा क्षेत्र लिखा हो, और पते के प्रमाण सहित नए क्षेत्र के ईआरओ या एईआरओ को सौंपें।
चाहें तो नए बूथ के बीएलओ से भी मदद ले सकते हैं। जिनके पास पते का कोई दस्तावेज नहीं है, ऐसे बेघर लोगों के लिए बीएलओ की फील्ड सत्यापन रिपोर्ट ही पर्याप्त होगी।
ऑनलाइन सुविधा भी रहेगी
उन्होंने बताया कि ऑनलाइन ईसीआईनेट पर ई-साइन के साथ फॉर्म जमा किया जा सकेगा। मतदाता वेबसाइट या ईसीआईनेट ऐप पर अपना पुराना एपिक नंबर डालकर फॉर्म डाउनलोड और भर भी सकते हैं।
बीएलओ से बात करने के लिए चुनाव आयोग की वेबसाइट और ऐप पर “बुक ए कॉल विद बीएलओ” की सुविधा दी गई है। बीएलओ राजनीतिक दलों के बूथ स्तरीय एजेंटों के साथ मिलकर घर-घर जाएंगे, पड़ोसियों और परिवार से जानकारी लेंगे और जहां संपर्क नंबर उपलब्ध होंगे, वहां व्हाट्सऐप, ईमेल या एसएमएस से भी फॉर्म भेजेंगे।
जिन मतदाताओं ने एसआईआर के दौरान नए नामांकन के लिए पहले ही फॉर्म-6 जमा कर दिया है, उन्हें गणना फॉर्म और कथन दोबारा नहीं देना होगा। प्राप्त फॉर्मों की जांच ईआरओ द्वारा पात्रता और सामान्य निवास सहित अन्य विवरणों के आधार पर की जाएगी।
फॉर्म स्वीकार होने पर नाम अंतिम मतदाता सूची में जोड़ा जाएगा और मतदाता को वही एपिक नंबर दोबारा दिया जाएगा जो पहले था।
उपायुक्त अनुपमा अंजली ने कहा कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न रहे, यह प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे सूची में अपना और अपने परिवार के सदस्यों का नाम जरूर देखें और जरूरत होने पर तुरंत फॉर्म जमा करें। उन्होंने यह भी कहा कि फॉर्म में दी गई जानकारी सही होनी चाहिए।
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