Narnaul News: जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की चेयरपर्सन डॉ. रितु वाई. के. बहल के दिशा-निर्देशानुसार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नीलम कुमारी के मार्गदर्शन में “सुरक्षित बचपन अभियान” के तहत महेंद्रगढ़ जिले के सरकारी एवं निजी विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
अभियान के दूसरे दिन जिले के 52 सरकारी एवं निजी विद्यालयों में जागरूकता शिविर लगाए गए, जिनके माध्यम से लगभग 40 हजार विद्यार्थियों को जागरूक किया गया।
अभियान के तहत जिला बाल संरक्षण इकाई नारनौल, बाल कल्याण समिति नारनौल, साइबर क्राइम पुलिस थाना नारनौल तथा किशोर न्याय बोर्ड से जुड़े सदस्यों एवं संबंधित विभागों के रिसोर्स पर्सन्स द्वारा विद्यालयों में प्रार्थना सभा के दौरान विद्यार्थियों को बाल सुरक्षा एवं उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही न्यायिक अधिकारी भी विभिन्न विद्यालयों का दौरा कर बच्चों को जागरूक कर रहे हैं।
इसी कड़ी में आज अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश मैडम हर्षाली चौधरी ने यदुवंशी शिक्षा निकेतन नारनौल का दौरा किया और विद्यार्थियों को बाल सुरक्षा एवं उनके अधिकारों के संबंध में जागरूक किया। वहीं सिविल जज (जूनियर डिवीजन), नारनौल मैडम निशा ने सी.एल. पब्लिक स्कूल, नारनौल में पहुंचकर विद्यार्थियों को जागरूक किया।
इसी अभियान के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नीलम कुमारी ने विद्या भारती पब्लिक स्कूल निजामपुर में प्रार्थना सभा के दौरान विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने बच्चों को पोक्सो अधिनियम, 2012, गुड टच एवं बैड टच, बाल विवाह की रोकथाम, बाल अधिकारों तथा चाइल्ड हेल्पलाइन के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि किसी भी अनुचित व्यवहार की स्थिति में चुप न रहें, बल्कि अपने अभिभावकों, शिक्षकों अथवा संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दें और आवश्यकता पड़ने पर सहायता प्राप्त करें।
विद्यालय में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए क्विज प्रतियोगिता एवं किट्स प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को बाल सुरक्षा, उनके अधिकारों तथा सुरक्षित वातावरण के महत्व के बारे में जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के समापन पर मैडम नीलम कुमारी ने विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे समय पर सहायता प्राप्त कर सकें।
सुरक्षित बचपन अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों को लैंगिक अपराधों से संरक्षण, बाल अधिकारों, बाल विवाह की रोकथाम तथा उपलब्ध सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक करना है, ताकि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, संरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण मिल सके।
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय विधिक सेवा हेल्पलाइन नंबर 15100, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, पुलिस एवं आपातकालीन सहायता 112,
साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हेल्पलाइन नंबर 01282-250322 के बारे में जागरूक किया।
इस अवसर पर संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं समस्त स्टाफ उपस्थित रहे।
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