Narnaul/Ateli: नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा से संबंधित सफाई कर्मचारी यूनियन जिला महेंद्रगढ़ के बैनर तले शनिवार को सफाई कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अटेली शहर में पैदल मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। जिला प्रधान राहुल सांगवान के नेतृत्व में सैकड़ों कर्मचारियों ने पुरानी नगरपालिका कार्यालय से शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के कार्यालय के समक्ष पहुंचकर रोष जताया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। इस प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी हाथों में बैनर लेकर चल रहे थे। उन्होंने उल्टी झाड़ू घुमाकर सरकार की नीतियों के प्रति नाराजगी जताई। कर्मचारियों ने कहा कि सरकार लगातार उनके साथ वादाखिलाफी कर रही है और केवल आश्वासन देकर मामले को टालने का प्रयास किया जा रहा है। सफाई और सीवर का काम स्थाई प्रकृति का होने के बावजूद वर्षों से कर्मचारी कच्चे तौर पर काम करने को मजबूर हैं। यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री आरती सिंह राव के निजी सचिव विकास यादव से मुलाकात कर अपनी मांगों और समस्याओं से अवगत कराया। कर्मचारियों ने कहा कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने वर्ष 2014 के घोषणा पत्र में सफाई व सीवर कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने और कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने का वादा किया था, लेकिन अब तक इसे पूरा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि ठेका प्रथा समाप्त करने की अधिसूचना जारी होने के बावजूद सीवर का काम आज भी ठेके पर कराया जा रहा है। कर्मचारियों ने सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं करवाए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें जान जोखिम में डालकर सीवर और गहरे नालों में उतरना पड़ता है। जहरीली गैस के कारण आए दिन हादसे होते हैं। इसके अलावा कर्मचारियों की संख्या कम होने से उन पर काम का अतिरिक्त बोझ है।
Narnaul: मांगों को लेकर सफाई कर्मचारियों का पैदल मार्च, स्वास्थ्य मंत्री कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन

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यूनियन ने 13 मई 2026 के समझौते को लागू करने,सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, 60 प्रतिशत डीए व अन्य भत्तों के साथ समान काम का समान वेतन देने, ठेका प्रथा समाप्त कर कर्मचारियों को विभाग के रोल पर रखने तथा न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये करने की मांग की। इसके अलावा सेवानिवृत्ति पर पांच लाख रुपये ग्रेच्युटी, दुर्घटना में मौत पर 20 लाख और प्राकृतिक मौत पर 10 लाख रुपये आर्थिक सहायता देने की मांग भी रखी गई।
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