Narnaul: हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा द्वारा 22 से 24 अक्टूबर 2026 तक बुलाई गई तीन दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल को ध्यान में रखते हुए जिलाधीश अनुपमा अंजली ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत जिला में सख्त निषेधाज्ञा आदेश जारी किए हैं। जिलाधीश ने बताया कि हड़ताल के दौरान बिजली आपूर्ति में बाधा डालने, बिजली उपकेंद्रों एवं कार्यालयों में अवैध प्रवेश करने, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने तथा ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों के काम में रुकावट डालने जैसी आशंकाओं को देखते हुए कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।
जिलाधीश द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, जिले में स्थित सभी बिजली पावर स्टेशनों, उपकेंद्रों (220/132/33 केवी), 11 केवी स्विचिंग स्टेशनों, पंप हाउस उपकेंद्रों, डीएचबीवीएन व एचवीपीएनएल के कार्यालयों, स्टोरों, टीआरडब्ल्यू और आवश्यक फीडरों के 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के अवैध रूप से पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने, धरना-प्रदर्शन, घेराव, नाकेबंदी, जुलूस निकालने या नारेबाजी करने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा। इसके अतिरिक्त इस प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी भी प्रकार का हथियार, लाठी, डंडा, पत्थर, धारदार हथियार या ज्वलनशील/विस्फोटक सामग्री लेकर जाने पर पाबंदी लगाई है।
जिलाधीश अनुपमा अंजली ने स्पष्ट किया है कि बिजली आपूर्ति व्यवधान रहित बनी रहे, इसके लिए अस्पतालों (जैसे सिविल अस्पताल और सरकारी मेडिकल कॉलेज), जल आपूर्ति योजनाओं, नहर एवं सिंचाई पंप हाउसों, जिला जेल, अदालतों, लघु सचिवालय तथा केंद्रीय विश्वविद्यालय जैसी अत्यंत आवश्यक सेवाओं की सुरक्षा प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि कोई भी व्यक्ति बिजली उपकरणों, लाइनों, ट्रांसफार्मरों, खंभों या केबलों के साथ छेड़छाड़ या नुकसान नहीं पहुंचाएगा तथा ड्यूटी पर तैनात किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को डराने-धमकाने या कार्य रोकने का प्रयास नहीं करेगा। साथ ही, हिंसा भड़काने या बिजली प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचाने संबंधी कोई भी भाषण, संदेश या सोशल मीडिया पोस्ट शेयर करने पर भी पाबंदी रहेगी।
यह आदेश 21 अक्टूबर 2026 की रात 10:00 बजे से लागू हो चुके हैं और 24 अक्टूबर 2026 की मध्यरात्रि 12:00 बजे तक प्रभाव में रहेंगे। यह आदेश ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों, कर्मचारियों, पुलिस एवं सुरक्षा बलों, आपातकालीन सेवाओं (जैसे फायर ब्रिगेड व एम्बुलेंस) तथा सक्षम प्राधिकारी से लिखित अनुमति प्राप्त व्यक्तियों पर लागू नहीं होंगे। पुलिस अधीक्षक एवं सभी थाना प्रभारियों को आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने और गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई व्यक्ति इन आदेशों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 तथा अन्य सुसंगत कानूनी धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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