Narnaul: वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के अध्यक्ष राजेश वर्मा तथा हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने वीरवार को संयुक्त रूप से उपायुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए की जा रही तैयारियों एवं उपायों की समीक्षा की।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद जानकारी देते हुए उपायुक्त अनुपमा अंजली ने बताया कि बैठक में वाहन प्रदूषण, सड़कों एवं निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल तथा औद्योगिक इकाइयों से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम के लिए किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विभागों से संबंधित बिंदुओं पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि आयोग के निर्देशानुसार 1 अक्टूबर से एनसीआर में वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) के बिना वाहनों में ईंधन भरने पर रोक लागू है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पेट्रोल पंपों एवं सीएनजी स्टेशनों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) कैमरे लगाए जा रहे हैं। इस संबंध में सभी पेट्रोल पंप संचालकों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि डीजल ऑटो रिक्शा को 31 दिसंबर 2026 तक चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। इस संबंध में लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।
उपायुक्त ने बताया कि बैठक में सीएक्यूएम के निर्धारित फ्रेमवर्क के अनुसार प्रमुख शहरी एवं औद्योगिक सड़कों के पुनर्विकास कार्यों की स्थिति की समीक्षा की गई। सर्दियों के मौसम की शुरुआत से पहले अतिरिक्त मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों की खरीद एवं तैनाती पर भी चर्चा की गई, ताकि सभी सड़कों तथा विशेष रूप से चिह्नित धूल प्रदूषण हॉटस्पॉट पर धूल को नियंत्रित किया जा सके।
बैठक में निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी) परियोजनाओं से उत्पन्न धूल को नियंत्रित करने तथा विध्वंस अपशिष्ट के उचित प्रबंधन के लिए सीएक्यूएम के निर्देशों के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।
बैठक में दिल्ली-एनसीआर की औद्योगिक इकाइयों में कड़े उत्सर्जन मानकों के क्रियान्वयन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। औद्योगिक इकाइयों तथा डीजल जनरेटर (डीजी) सेटों का औचक एवं बिना पूर्व सूचना के निरीक्षण करने पर भी जोर दिया गया।
उपायुक्त ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में नियमित निगरानी रखें और प्रदूषण की रोकथाम के लिए आवश्यक कार्रवाई समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित करें।
उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे कूड़े में आग न लगाएं, क्योंकि इससे वायु प्रदूषण बढ़ता है और लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला में कूड़े में आग लगाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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पुराने वाहनों को स्क्रैप कराएं और पाएं सरकार की सब्सिडी
नारनौल। उपायुक्त अनुपमा अंजली ने बताया कि पुराने वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए निर्धारित आयु सीमा पूरी कर चुके वाहनों के विरुद्ध जब्ती (इंपाउंडिंग) की सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने 10 या 15 वर्ष की निर्धारित आयु सीमा पूरी कर चुके वाहनों के मालिकों से अपील की कि वे समय रहते संबंधित योजना का लाभ उठाएं।
हरियाणा सरकार के परिवहन विभाग की 24 जून 2026 की अधिसूचना के तहत बसों एवं ट्रकों के लिए ‘परिवर्तन पोर्टल’ शुरू किया गया है। वाहन मालिक इस पोर्टल के माध्यम से अपने पुराने बीएस-I से बीएस-IV श्रेणी के पंजीकृत वाहनों को बदलने के विकल्प का लाभ उठा सकते हैं। इसके अलावा वे अपने वाहनों को पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा के माध्यम से स्क्रैप कराकर नियमानुसार सब्सिडी एवं प्रोत्साहन राशि प्राप्त कर सकते हैं।
वाहन स्क्रैप कराने के अतिरिक्त वाहन मालिक अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) प्राप्त करके अपने वाहनों को एनसीआर से बाहर स्थित जिलों में स्थानांतरित कराने का विकल्प भी चुन सकते हैं। योजना की विस्तृत जानकारी के लिए वाहन मालिक क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) कार्यालय, नारनौल में संपर्क कर सकते हैं।
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