Narnaul : नारनौल बार एसोसिएशन चुनाव, प्रधान पद पर त्रिकोणीय मुकाबले से गरमाया माहौल

प्रतीकात्मक फोटो
Narnaul : जिला बार एसोसिएशन नारनौल के प्रधान पद समेत अन्य पदों के लिए आज मतदान जारी है, जिसने यहां के चुनावी माहौल को बेहद रोमांचक बना दिया है। इस बार के चुनाव में प्रधान पद के लिए सीधा और कड़ा त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है।
एसोसिएशन के मौजूदा प्रधान संतोख सिंह एक बार फिर मैदान में हैं और यदि वे जीत हासिल करते हैं, तो यह उनकी लगातार तीसरी जीत होगी, जिससे वे जीत की हैट्रिक लगाने का इतिहास रच देंगे।
1020 मतदाता तय करेंगे नई कार्यकारिणी
जिला बार एसोसिएशन के इस महत्वपूर्ण चुनाव में प्रधान के अलावा उप प्रधान, सचिव और लाइब्रेरियन के पदों के लिए वोट डाले जा रहे हैं। चुनाव प्रक्रिया में कुल 1020 मतदाता वकील अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं।
मतदान की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मतदान केंद्र में प्रवेश हेतु एनरोलमेंट कार्ड, बार आईडी कार्ड और आधार कार्ड को अनिवार्य किया गया है। इस बार मतदान नए लिटिगेंट हॉल के ऊपर बने महिला बार रूम में संपन्न कराया जा रहा है।
किसके हाथ लगेगी एसोसिएशन की कमान?
मौजूदा प्रधान संतोख सिंह के सामने इस बार दो बड़ी चुनौतियां हैं। उनके मुकाबले में पूर्व में चुनाव लड़ चुके नित्यानंद यादव और पहली बार चुनावी मैदान में उतरे युवा उम्मीदवार विजयपाल ताल ठोक रहे हैं।
पिछले कुछ दिनों से सभी उम्मीदवारों ने अधिवक्ताओं से व्यक्तिगत रूप से संपर्क साधकर अपने पक्ष में मतदान करने की पुरजोर अपील की है। अब आज शाम आने वाले चुनाव परिणामों से यह साफ हो जाएगा कि बार एसोसिएशन की कमान किसके हाथों में सौंपी जाती है।
अजेय रहे हैं संतोख सिंह
संतोख सिंह का अब तक का चुनावी सफर बेहद शानदार और अजेय रहा है। उन्होंने साल 2011-12 में अपनी संगठनात्मक यात्रा की शुरुआत की थी, जब वे पहली बार बार एसोसिएशन के सचिव चुने गए थे।
इसके बाद, उन्होंने साल 2024-25 और 2025-26 में लगातार दो बार प्रधान पद का चुनाव जीतकर अपनी मजबूत पकड़ साबित की। अब उनकी निगाहें तीसरी बार प्रधान की कुर्सी हासिल करने पर टिकी हैं।
नित्यानंद की वापसी की कोशिश और विजयपाल का उत्साह
दूसरी तरफ, नित्यानंद यादव एक बार फिर पूरे दमखम के साथ चुनावी मैदान में उतरे हैं, जो पिछली बार मिली हार के बाद जोरदार वापसी की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, विजयपाल पहली बार प्रधान पद के चुनावी समर में उतरे हैं।
एक नए चेहरे के रूप में उनका उत्साह और वकीलों के बीच उनकी रणनीति चुनाव परिणामों को बड़ा उलटफेर दे सकती है। फिलहाल, यह मुकाबला अनुभव, संघर्ष और नए जोश के बीच त्रिकोणीय रूप ले चुका है, जिसकी गूंज शाम को आने वाले परिणामों के साथ थम जाएगी।
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