Narnaul: सिद्ध संत बाबा रामेश्वरदास की समाधि पर स्थापित उनकी मूर्ति को बदलने के प्रयास से क्षेत्र की जनता में गहरा रोष

Narnaul: हरियाणा राजस्थान के बॉर्डर पर गांव बामणवास स्थित ऐतिहासिक मंदिर श्री बाबा रामेश्वरदास धाम मंदिर में क्षेत्र के महान संत स्वर्गीय श्री 1008 बाबा रामेश्वर दास जी की समाधि पर शीशे के शोकेस में स्थापित उनकी आदम कद मूर्ति को श्री रामेश्वर ट्रस्ट के वर्तमान प्रधान श्री सुरेश कुमार केड़िया, जयपुर निवासी कुछ लोगों के बहकावे में आकर बदलने का षड्यंत्र रच रहे है, जिससे क्षेत्र की जनता में गहरा रोष है।
जिला उपायुक्त महेंद्रगढ़ एवं जिला पुलिस अधीक्षक महेंद्रगढ़ को ट्रस्ट के 7 ट्रस्टियों द्वारा सौंपे गए शिकायत पत्र में यह आरोप लगाया गया है कि मंदिर श्री रामेश्वर दास धाम उत्तर भारत का एक प्राचीन एवं प्रसिद्ध ऐतिहासिक मंदिर है, जहां प्रसिद्ध संत बाबा रामेश्वर दास जी, जिन्हें मां अन्नपूर्णा का आशीर्वाद प्राप्त था, इलाके के एक ब्रह्मचारी सिद्ध संत थे। उन्होंने 1976 में स्वयं मंदिर की देखरेख के लिए एक ट्रस्ट का निर्माण किया था। बाबा रामेश्वर दास जी के ब्रह्मलीन होने पर उनकी समाधि पर वृंदावन के इस्कॉन मंदिर से पूरे विधि विधान से पूजा कराके यहां लाकर उनकी एक मूर्ति शीशे के शोकेस में यहां स्थापित की गई थी।
वर्तमान प्रधान सुरेश केडिया के मूर्ति बदलने के प्रयासों को लेकर नियमानुसार मंदिर के 11 ट्रस्टियों में से 3 अगस्त 2026 को आयोजित एक बैठक में 9 ट्रस्टीज उपस्थित थे, जिनमें से 7 ट्रस्टियों ने बाबा रामेश्वर दास जी की मूर्ति को बदलने का विरोध किया था। बाबा रामेश्वर धाम में हर साल हजारों की तादाद में श्रद्धालु यहां दर्शन करने व अपनी मनोकामना पूर्ण करने के मन्नत मांगने आते हैं। लोगों की बाबा की मूर्ति के प्रति अथाह श्रद्धा एवं भक्ति भावना को देखते हुए 7 ट्रस्टियों ने मूर्ति की यथा स्थिति बनाए रखने व उन्हें वहां से न बदलने का निर्णय लिया।
परंतु वर्तमान प्रधान सुरेश केडिया जयपुर निवासी कुछ लोगों के बहकावे में आकर मूर्ति को यहां से हटाने का प्रयास कर रहे हैं, जिसे ना तो ट्रस्टीज और ना ही क्षेत्र की जनता किसी भी सूरत में बर्दाश्त करेगी। वर्तमान प्रधान के इसी षड्यंत्र के खिलाफ बुधवार को ट्रस्ट के 7 ट्रस्टियों एवं अनेक श्रध्दालुओं ने जिला उपायुक्त एवं जिला पुलिस अधीक्षक से उनके कार्यालय में मुलाकात कर वर्तमान प्रधान के खिलाफ शिकायत पत्र देते हुए उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
