Narnaul: बाल विवाह रोकने के लिए पंडित-मौलवी तथा टेंट हाउस संचालकों व सेवाएं देने वाली अन्य एजेंसी से भी लिया जाएगा सहयोग
Narnaul: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशानुसार हरियाणा सरकार तथा जिला प्रशासन आने वाले विवाह-शादियों के सीजन से पहले बाल विवाह को रोकने की दिशा में सतर्क है। जिला बाल विवाह निषेध अधिकारी एवं संरक्षण अधिकारी सरीता शर्मा ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों का विवाह कानून द्वारा निर्धारित उम्र पूरी होने के बाद ही करें।
सरीता शर्मा ने बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत 18 वर्ष से कम आयु की लड़की और 21 वर्ष से कम आयु के लड़के की शादी करना कानूनन अपराध है। ऐसे में यदि इस उम्र से पहले किसी की शादी करवाई जाती है तो यह एक गंभीर और गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में आता है। जो भी व्यक्ति बाल विवाह करवाता है, उसमें मदद करता है या उसे बढ़ावा देता है, उसे दो साल तक की सजा और एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
उन्होंने बताया कि जिला महेंद्रगढ़ में बाल विवाह को लेकर प्रशासन की ओर से पूरी सख्ती बरती जा रही है।
उन्होंने बताया कि जिले में बाल विवाह के खिलाफ लगातार जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जिसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। इस कड़ी में प्रशासन सभी पंडितों, मौलवियों, टेंट हाउस संचालकों, हलवाई, कार्ड प्रिंटिंग करने वाले, फोटोग्राफरों तथा विवाह-शादियों से जुड़ी सेवाएं देने वाली अन्य सभी एजेंसियों के लगातार संपर्क में रहेगा। यह सभी बुकिंग करने से पहले कागजात देखेंगे। इसके अलावा आशा वर्करों को भी सतर्क किया गया है। उनसे कहा गया है कि यदि उन्हें किसी भी विवाह के बाल विवाह होने की आशंका हो, तो वे ऐसी शादी में अपनी सेवाएं देने से इनकार करें।
इससे पहले भी विभाग की ओर से सभी गांवों के सरपंचों, नगर पार्षदों, आंगनवाड़ी सुपरवाइजरों और आंगनवाड़ी वर्करों से आह्वान किया जा चुका है कि वे इस बुराई को जड़ से खत्म करने में सहयोग दें। प्रशासन ने आमजन, गणमान्य नागरिकों और समाजसेवियों से भी अपील की है कि बाल विवाह रोकने में वे भी अपनी भूमिका निभाएं।
बाल विवाह से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए नागरिक बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी, पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112, संबंधित मैजिस्ट्रेट या चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर संपर्क कर सूचना दे सकते हैं।
