July 24, 2026

Sonia Sehrawat: जंतर-मंतर विवाद के बाद चर्चा में आईं सोनिया सहरावत, पिता बोले- बेटी का हाथ टूटा

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यूपीएससी छोड़ सीआरपीएफ अफसर बनी थीं सोनिया सहरावत, जानिए उनके पिता ने क्या कहा

Sonia Sehrawat: दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान एक कथित इंस्टाग्राम स्टोरी वायरल होने के बाद केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की असिस्टेंट कमांडेंट सोनिया सहरावत अचानक राष्ट्रीय सुर्खियों में आ गई हैं।

सोशल मीडिया पर सामने आए कथित स्क्रीनशॉट को लेकर विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने तीखे सवाल खड़े किए हैं। तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा समेत कई नेताओं ने इस पर सख्त प्रतिक्रिया दी है। इस बीच, हरियाणा के झज्जर जिले स्थित सौलधा गांव की रहने वाली सोनिया सहरावत की निजी और पेशेवर जिंदगी को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

सोनिया के परिवार ने विवाद पर ज्यादा टिप्पणी करने से परहेज किया है, लेकिन बहादुरगढ़ में रह रहे उनके पिता एवं दिल्ली पुलिस से सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर ज्ञानप्रकाश सहरावत का बयान सामने आया है। ज्ञानप्रकाश ने कहा, “इस पूरे मामले पर तो बिटिया ही स्थिति स्पष्ट कर पाएगी। हालिया घटनाक्रम के बाद हमारी उससे सीधी बातचीत नहीं हो पाई है। हमें बस इतना पता चला है कि दिल्ली में ड्यूटी के बाद उसे अंबाला भेजा गया है और उसके हाथ में फ्रैक्चर हुआ है।”

किरण बेदी को माना आदर्श, श्रीनगर से लेकर जयपुर तक दी सेवाएं

सोनिया सहरावत बचपन से ही भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में जाने का सपना देखती थीं और देश की पहली महिला आईपीएस अधिकारी किरण बेदी को अपना आदर्श मानती थीं। उन्होंने दो बार संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा भी दी। एक बार वे मुख्य परीक्षा पास कर इंटरव्यू तक पहुंची थीं, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो सका। इसके बाद उन्होंने साल 2014 में सीआरपीएफ में बतौर असिस्टेंट कमांडेंट चयनित होकर देश सेवा का रास्ता चुना।

अपनी निडर कार्यशैली के लिए जानी जाने वाली सोनिया की तैनाती जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटने के संवेदनशील समय के दौरान श्रीनगर में भी रही थी। वर्तमान में उनकी आधिकारिक पोस्टिंग जयपुर में बताई जा रही है।

डूसू की राजनीति से CRPF तक, परिवार में देशभक्ति का माहौल

सोनिया की शुरुआती स्कूली शिक्षा सोनीपत के राई स्थित खेल स्कूल से हुई, जिसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास में एमए की डिग्री हासिल की। छात्र जीवन के दौरान सोनिया राजनीति में भी काफी सक्रिय रहीं और दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पदों का चुनाव भी लड़ा।

उनका पारिवारिक पृष्ठभूमि भी देश सेवा से जुड़ा रहा है। तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी सोनिया का सबसे छोटा भाई मोहित सहरावत भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट है, जबकि छोटा भाई विकास कनाडाई नागरिक है। सोनिया के पति मोहित बाल्याण भी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के निवासी हैं और वे खुद भी सीआरपीएफ में कार्यरत हैं।

बेटी के समर्थन में उतरते हुए उनके पिता ज्ञानप्रकाश ने कहा, “सोनिया बचपन से ही मेधावी, अनुशासित और नेतृत्व क्षमता वाली रही है। वह आम लड़कियों से अलग सोच रखती है। उसके लिए परिवार हमेशा दूसरे नंबर पर और देश की सेवा पहले नंबर पर रही है।”

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