Halim Seeds Detox Drink: हलीम के बीजों का डिटॉक्स ड्रिंक सच में घटाता है वजन? जानिए सोशल मीडिया पर वायरल इस नुस्खे का सच
क्या पीसीओडी और बढ़ते मोटापे की अचूक दवा है हलीम के बीज?
Halim Seeds Detox Drink: इंस्टाग्राम से लेकर यूट्यूब तक, इन दिनों वेलनेस और वेट लॉस इन्फ्लुएंसर्स के बीच हलीम के बीजों का घरेलू नुस्खा खूब सुर्खियां बटोर रहा है। दावा किया जा रहा है कि अगर रोज सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में भीगे हुए हलीम के बीजों के साथ नींबू का रस मिलाकर पिया जाए, तो यह न सिर्फ मेटाबॉलिज्म को रॉकेट की रफ्तार देता है, बल्कि महिलाओं में पीसीओडी (PCOD) की समस्या को भी काफी हद तक काबू कर लेता है।
हेल्थ इन्फ्लुएंसर और डाइटिशियन शिखा कुमारी के अनुसार, इस बात में कोई दोराय नहीं है कि हलीम के बीज सेहत के लिए गुणकारी हैं, लेकिन यह समझना भी उतना ही जरूरी है कि दुनिया का कोई भी अकेला ड्रिंक रातों-रात आपका वजन कम नहीं कर सकता।
बेहद आसान है बनाने की विधि, सुबह खाली पेट लेने की सलाह
इंटरनेट पर वायरल रेसिपी के मुताबिक, इस ड्रिंक को तैयार करना बेहद आसान है। इसके लिए महज एक बड़ा चम्मच हलीम के बीज (जिन्हें गार्डन क्रेस सीड्स भी कहा जाता है) लेकर उन्हें गुनगुने पानी में करीब आधे घंटे के लिए भिगोकर छोड़ दिया जाता है। जब ये बीज पानी सोखकर अच्छी तरह फूल जाते हैं, तब इसमें स्वादानुसार ताजा नींबू का रस मिलाया जाता है।
इस मिक्चर को लगातार 25 से 30 दिनों तक सुबह खाली पेट लेने की सलाह दी जा रही है। हालांकि, डाइटिशियंस का साफ कहना है कि अगर आप पहले से किसी मेडिकल कंडीशन से गुजर रहे हैं, तो इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
वजन घटाने और पीसीओडी में कितना कारगर? समझिए इसके पीछे का विज्ञान
पोषण विज्ञान के नजरिए से देखें तो हलीम के बीजों में फाइबर, हाई प्रोटीन और ओमेगा-3 फैटी एसिड की अच्छी मात्रा होती है। इसमें मौजूद फाइबर आपके पेट को लंबे समय तक भरा हुआ रखता है, जिससे अनहेल्दी स्नैकिंग और बार-बार होने वाली ‘क्रेविंग्स’ पर लगाम लगती है। जाहिर है, जब आप ओवरईटिंग से बचेंगे, तो वजन नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
वहीं, पीसीओडी से पीड़ित महिलाओं के लिए वजन को काबू में रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है। हलीम के बीज शरीर को जरूरी सूक्ष्म पोषक तत्व (माइक्रोन्यूट्रिएंट्स) तो देते हैं, लेकिन इसे पीसीओडी का मुकम्मल इलाज मान लेना बहुत बड़ी भूल होगी। इस हार्मोनल गड़बड़ी को ठीक करने के लिए डॉक्टर की दवाएं और कड़ा वर्कआउट ही असली चाबी हैं।
“यह कोई जादुई दवा नहीं है” – क्या कहते हैं देश के बड़े डॉक्टर्स?
बढ़ते ट्रेंड को देखते हुए दिल्ली के सीके बिड़ला हॉस्पिटल में क्लिनिकल न्यूट्रिशन एंड डाइटेटिक्स विभाग की डॉ. पूजा आनंद ने इस पर विस्तार से अपनी बात रखी। डॉ. पूजा आनंद के मुताबिक, “हलीम के बीज निसंदेह आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स का एक बेहतरीन जरिया हैं। इन्हें सीमित मात्रा में डाइट में शामिल करने से पाचन तंत्र दुरुस्त होता है।
लेकिन इन्हें ‘डिटॉक्स’ या फैट बर्नर का कोई जादुई उपाय मानना पूरी तरह गलत है। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, मानव शरीर को डिटॉक्स करने का प्राकृतिक और मुख्य काम हमारे लिवर और किडनी चौबीसों घंटे खुद करते हैं, इसके लिए किसी बाहरी ड्रिंक की जरूरत नहीं होती।”
इन लोगों के लिए घातक हो सकता है हलीम के बीजों का अंधाधुंध सेवन
बिना सोचे-समझे किसी भी चीज की अति सेहत पर भारी पड़ सकती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि जो महिलाएं गर्भवती हैं या नवजात शिशु को स्तनपान करा रही हैं, उन्हें इसका सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए।
इसके अलावा, जिन मरीजों की ब्लड शुगर की दवाएं चल रही हैं या जो खून पतला करने वाली (ब्लड थिनर) दवाएं ले रहे हैं, उनके लिए भी हलीम के बीजों का अनियंत्रित सेवन ब्लड प्रेशर या शुगर लेवल को अचानक असंतुलित कर सकता है। किसी भी ड्रिंक का फायदा तभी मिलता है, जब आपकी पूरी लाइफस्टाइल एक्टिव हो और आप सात से आठ घंटे की गहरी नींद ले रहे हों।
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