Kaithal Farmers Protest: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में सड़क पर उतरे चढूनी गुट के कार्यकर्ता
कैथल में भाकियू चढूनी ग्रुप का प्रदर्शन
Kaithal Farmers Protest: हरियाणा में किसान संगठनों ने एक बार फिर केंद्र सरकार की आर्थिक और व्यापारिक नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कैथल के ढांड कस्बे में भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के बैनर तले जुटे सैकड़ों किसानों ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की।
इस सड़किया विरोध से ठीक पहले बस स्टैंड स्थित यूनियन के दफ्तर में एक अहम सांगठनिक बैठक हुई, जिसकी कमान बीकेयू के युवा प्रदेश अध्यक्ष विक्रम कसाना ने संभाली। बैठक में न सिर्फ मौजूदा ट्रेड डील की खामियों पर चर्चा हुई, बल्कि आने वाले दिनों में दिल्ली की दहलीज पर दी जाने वाली दस्तक को लेकर भी रूपरेखा तैयार की गई।
चंडीगढ़ में रखी गई ‘देश बचाओ मोर्चा’ की नींव, एकजुट हुए कई संगठन
बैठक को संबोधित करते हुए युवा किसान नेता विक्रम कसाना ने कहा कि कॉरपोरेट परस्त नीतियों के कारण आज देश का किसान, मजदूर, छोटा कर्मचारी और युवा खुद को ठगा सा महसूस कर रहा है। इसी के मद्देनजर पिछले दिनों चंडीगढ़ में देश भर के प्रमुख किसान संगठनों, मजदूर यूनियनों, छात्र संगठनों और सामाजिक मंचों के प्रतिनिधियों की एक राष्ट्रीय स्तर की बैठक बुलाई गई थी।
लंबी मथनी के बाद, सर्वसम्मति से एक साझा मंच तैयार किया गया है, जिसे ‘देश बचाओ मोर्चा’ का नाम दिया गया है। यह मोर्चा किसी एक वर्ग की नहीं बल्कि देश के आम नागरिक के अधिकारों की रक्षा के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ेगा।
एमएसपी की कानूनी गारंटी और कर्जमुक्ति पर अड़े किसान
किसानों की इस नई गोलबंदी में कई पुरानी और बुनियादी मांगें एक बार फिर तैरकर सतह पर आ गई हैं। चढूनी गुट ने साफ लफ्जों में मांग की है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता देश के किसानों के हितों की बलि चढ़ाकर किया जा रहा है, इसलिए इसे तत्काल प्रभाव से डंप (रद्द) किया जाना चाहिए। इसके अलावा, स्वामीनाथन आयोग के सी2+50 (C2+50%) फार्मूले के आधार पर सभी फसलों की खरीद के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी का कानून बने।
किसानों ने यह भी तर्क दिया कि जब तक देश के अन्नदाता को संपूर्ण कर्जमुक्ति नहीं मिलती, तब तक ग्रामीण अर्थव्यवस्था को उबारा नहीं जा सकता। इसके साथ ही, देश में गहराते जल संकट के स्थायी समाधान के लिए एक व्यावहारिक और प्रभावी राष्ट्रीय जल नीति लागू करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
15 जुलाई को देशव्यापी मोटरसाइकिल मार्च, 21 को दिल्ली में महाडेरा
आंदोलन को धार देने के लिए ‘देश बचाओ मोर्चा’ ने चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ने का फैसला किया है। विक्रम कसाना ने आगामी कार्यक्रमों का ब्योरा साझा करते हुए बताया कि रणनीति के तहत आने वाली 15 जुलाई 2026 को देश के कोने-कोने में तहसील, ब्लॉक और जिला मुख्यालयों पर किसान मोटरसाइकिल मार्च निकालेंगे।
इस दौरान स्थानीय प्रशासन के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री के नाम एक मांग पत्र भी भेजा जाएगा। यह मार्च दरअसल 21 जुलाई 2026 को दिल्ली के किसान घाट पर होने वाले एक दिवसीय विशाल देशव्यापी आंदोलन का ट्रेलर होगा। चढूनी गुट ने कैथल और आसपास के इलाकों के किसानों से आह्वान किया है कि वे खेती-किसानी को बचाने की इस मुहिम में 21 जुलाई को भारी से भारी तादाद में दिल्ली पहुंचकर अपनी आवाज बुलंद करें।
यह भी पढ़ें–कुरुक्षेत्र में भाखड़ा नहर की पटरी में आई दरारें
