Chandigarh News: चंडीगढ़ में टेनेंसी होगी पूरी तरह डिजिटल, ऑनलाइन पोर्टल जल्द होगा लॉन्च
चंडीगढ़ में टेनेंसी होगी पूरी तरह डिजिटल
Chandigarh News: चंडीगढ़ में मकान मालिकों और किरायेदारों के बीच टेनेंसी से जुड़ी पूरी प्रक्रिया जल्द ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित होगी। चंडीगढ़ टेनेंसी नियम, 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विकसित किए जा रहे ऑनलाइन टेनेंसी पोर्टल की मंगलवार को उपायुक्त एवं जिला मजिस्ट्रेट निशांत कुमार यादव ने समीक्षा की। उन्होंने पोर्टल को अधिक सरल, सुरक्षित और नागरिकों के लिए उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने के निर्देश दिए, ताकि इसे सार्वजनिक रूप से शुरू किए जाने के बाद सभी सेवाएं निर्बाध और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराई जा सकें।
उपायुक्त कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त, तहसीलदारों तथा राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के अधिकारियों ने भाग लिया। एनआईसी की टीम ने पोर्टल का विस्तृत प्रस्तुतीकरण देते हुए ऑनलाइन टेनेंसी रजिस्ट्रेशन, यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर (यूआईएन) जारी करने, किराया संशोधन के लिए आवेदन तथा ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली सहित विभिन्न सुविधाओं का प्रदर्शन किया। अधिकारियों ने बताया कि नागरिक भारत सरकार के सर्विसप्लस पोर्टल के माध्यम से इन सभी सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। प्रस्तुतीकरण के बाद उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने निर्देश दिए कि पोर्टल का इंटरफेस आम नागरिकों की जरूरतों के अनुरूप सहज और सरल बनाया जाए।
उन्होंने पोर्टल को स्थानीय भाषा में भी उपलब्ध कराने तथा सार्वजनिक लॉन्च से पहले उसका व्यापक परीक्षण सुनिश्चित करने को कहा, ताकि मकान मालिकों और किरायेदारों को किसी प्रकार की तकनीकी परेशानी का सामना न करना पड़े। बैठक में बताया गया कि चंडीगढ़ टेनेंसी नियम, 2026 को असम टेनेंसी अधिनियम, 2021 की धारा 44 के तहत केंद्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ में लागू करने की प्रक्रिया जारी है। नियमों का मसौदा आम जनता की जानकारी के लिए प्रकाशित किया जा चुका है तथा अधिसूचना जारी होने की तिथि से 30 दिनों के भीतर नागरिकों एवं अन्य हितधारकों से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत ऑनलाइन टेनेंसी पंजीकरण, सात दिनों के भीतर यूआईएन जारी करना, टेनेंसी संबंधी सूचनाओं की गोपनीयता, ओटीपी आधारित सत्यापन, ऑनलाइन किराया संशोधन तथा समयबद्ध विवाद निवारण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रशासन का मानना है कि यह व्यवस्था चंडीगढ़ में टेनेंसी प्रणाली को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और जवाबदेह बनाएगी। इससे मकान मालिकों और किरायेदारों के बीच होने वाले विवादों के त्वरित समाधान में मदद मिलेगी, साथ ही नियमित दीवानी न्यायालयों पर मामलों का बोझ भी कम होगा।
