Ladwa News: संत निश्चल सिंह पब्लिक स्कूल में शिक्षकों के लिए स्ट्रेस मैनेजमेंट वर्कशॉप, एक्सपर्ट्स ने दिए खास टिप्स
प्राचार्या अमरजीत कौर संधू का बड़ा बयान— तनावमुक्त शिक्षक ही दे सकता है बच्चों को बेहतर शिक्षा
Ladwa News: आधुनिक दौर की भागदौड़ और शिक्षण कार्य के बढ़ते दबाव के बीच शिक्षकों को मानसिक रूप से स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रखने के लिए लाडवा में एक सराहनी पहल की गई है। लाडवा के संत निश्चल सिंह पब्लिक स्कूल में रविवार को शिक्षकों के लिए ‘तनाव प्रबंधन’ (Stress Management) विषय पर एक दिवसीय विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल की प्राचार्या श्रीमती अमरजीत कौर संधू और सीबीएसई (CBSE) की ओर से पहुंचीं विषय विशेषज्ञों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर की। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को रोजमर्रा के तनाव से दूर रखकर एक खुशनुमा माहौल में शिक्षण कार्य करने के लिए प्रेरित करना था।
सीबीएसई के विशेषज्ञों ने दिए टिप्स; योग, ध्यान और डीप ब्रीथिंग को बताया अचूक हथियार
कार्यशाला में बतौर मुख्य वक्ता पहुंचीं महाराणा प्रताप पब्लिक स्कूल की श्रीमती ज्योतिष्मा और कन्या गुरुकुल (गामड़ी) की श्रीमती आराधना कौशिक ने शिक्षकों से सीधा संवाद किया। सीबीएसई द्वारा नियुक्त इन दोनों विषय विशेषज्ञों ने बेहद सरल अंदाज में शिक्षकों को समझाया कि तनाव के पीछे असल कारण क्या होते हैं और यह किस तरह हमारी कार्यक्षमता और स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।
उन्होंने दैनिक जीवन में सकारात्मक सोच, बेहतर समय प्रबंधन (Time Management), नियमित ध्यान, योग और गहरी सांस लेने की तकनीकों (Deep Breathing Exercises) को अपनाने की सलाह दी, ताकि मन को शांत रखा जा सके।
कॉपियों और किताबों से इतर खेलों और रोल-प्ले से सीखीं मानसिक संतुलन की बारीकियां
इस प्रशिक्षण सत्र को उबाऊ व्याख्यान के बजाय पूरी तरह सहभागितापूर्ण और जीवंत बनाया गया। विशेषज्ञों ने शिक्षकों को तनाव से निपटने के व्यावहारिक तरीके सिखाने के लिए खेल-आधारित शिक्षण पद्धति, ग्रुप एक्टिविटीज, रोल प्ले (भूमिका निर्वहन) और आत्मचिंतन जैसी आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया।
इन रोचक गतिविधियों के दौरान शिक्षकों ने न सिर्फ अपने अनुभव साझा किए, बल्कि यह भी सीखा कि कक्षा के भीतर और बाहर मानसिक संतुलन को कैसे बरकरार रखा जाए। इस ज्ञानवर्धक सत्र में करीब 60 शिक्षकों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
“तनावमुक्त शिक्षक ही गढ़ सकता है बेहतर भविष्य”— प्राचार्या अमरजीत कौर संधू
शिक्षकों का हौसला बढ़ाते हुए स्कूल की प्राचार्या श्रीमती अमरजीत कौर संधू ने कहा कि एक शिक्षक का मानसिक रूप से शांत रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा, “जब तक शिक्षक स्वयं तनावमुक्त नहीं होगा, तब तक वह विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और प्रेरणादायक शिक्षा नहीं दे सकता।
” प्राचार्या ने दोनों रिसोर्स पर्सन्स का आभार जताते हुए कहा कि इस तरह के ओरिएंटेशन प्रोग्राम शिक्षकों के सर्वांगीण विकास और स्कूल के माहौल को सकारात्मक बनाने में मील का पत्थर साबित होते हैं। कार्यशाला के समापन पर सभी प्रतिभागी शिक्षकों ने इस सत्र को बेहद व्यावहारिक और संजीवनी जैसा बताया।
