Yamunanagar News: यमुनानगर में दुकान के प्लॉट को लेकर भिड़े दो पक्ष, जान से मारने के लिए चढ़ाई जेसीबी
प्रतापनगर में जमीन विवाद का खूनी अंजाम, कोर्ट में पेंडिंग केस के बीच जमकर चले पत्थर, कई घायल
Yamunanagar News: यमुनानगर जिले के प्रतापनगर कस्बे में रविवार को एक व्यावसायिक प्लॉट पर कब्जे को लेकर दो पक्षों के बीच चल रहा पुराना विवाद खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। दोनों ही पक्ष इस बेशकीमती जमीन पर अपना-अपना दावा ठोक रहे हैं, जिसे लेकर पहले भी कई बार इलाके में तनाव देखा जा चुका है।
आज एक पक्ष अचानक भारी लाव-लश्कर और जेसीबी मशीन के साथ मौके पर कब्जा हटाने पहुंच गया। इसे देखकर दूसरा पक्ष भड़क गया और देखते ही देखते शांतिपूर्ण इलाका अखाड़े में तब्दील हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि जेसीबी से दूसरे पक्ष के लोगों को कुचलने का प्रयास किया गया, जिसके बाद दोनों ओर से लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर चलने लगे।
“हमारी जमीन पर पड़ोसी दुकानदार की नजर”— पहले पक्ष ने लगाया गंभीर आरोप
मामले में पहले पक्ष का कहना है कि यह प्लॉट उनका पैतृक है, लेकिन पड़ोस का एक दुकानदार यहां अपना व्यावसायिक सामान और भारी पाइप रखकर जबरन जमीन हड़पना चाहता है।
आज जब वे अपने प्लॉट की सुध लेने पहुंचे, तो वहां अवैध रूप से भारी मात्रा में लोहे के पाइप डंप मिले। उन्होंने जब जेसीबी और कुछ मजदूरों की मदद से उन पाइपों को हटवाना शुरू किया, तो पड़ोसी दुकानदार और उसके समर्थकों ने उन पर जानलेवा पथराव कर दिया। इस अचानक हुए हमले में उनके पक्ष के कई लोगों को सिर और हाथ-पैरों में गंभीर चोटें आई हैं।
“मामला कोर्ट में है, फिर भी जबरन आए और जेसीबी चढ़ाने लगे”— दूसरे पक्ष की दलील
वहीं दूसरी तरफ, विरोधी पक्ष ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पूरी कहानी को अलग रंग दिया है। उनका दावा है कि इस जमीन का मालिकाना हक उनका है और यह पूरा प्रकरण अभी अदालत (कोर्ट) के विचाराधीन है। इसके बावजूद, पहला पक्ष कानून को हाथ में लेते हुए आज तड़के जबरन उनकी दुकान के पास पहुंचा और वहां खड़ी उनकी गाड़ी को हटाने लगा।
जब उन्होंने इस दबंगई का विरोध किया, तो हमलावरों ने सीधे उनके ऊपर जेसीबी चढ़ाने का प्रयास किया। पीड़ित पक्ष के लोगों ने ऐन वक्त पर जेसीबी के आगे से कूदकर किसी तरह अपनी जान बचाई। उनका कहना है कि हमलावर अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं और उनके परिवार को जान का खतरा बना हुआ है।
खाकी की सुस्ती पर उठे सवाल, पुलिस बोली— जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई
इस पूरी हिंसक वारदात के दौरान स्थानीय प्रशासन और पुलिस तंत्र की कार्यशैली भी कटघरे में है। ग्रामीणों का आरोप है कि जब मौके पर पथराव हो रहा था और माहौल बेहद तनावपूर्ण था, तब पुलिस को फोन किया गया। इसके बावजूद डायल 112 और स्थानीय पुलिस बेहद देरी से मौके पर पहुंची।
प्रतापनगर थाना पुलिस का इस मामले पर कहना है कि सूचना मिलते ही टीम रवाना की गई थी, लेकिन जब तक पुलिस बल मौके पर पहुंचा, तब तक दोनों पक्षों के उपद्रवी वहां से भाग चुके थे। पथराव में 3 से 4 लोगों को गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भर्ती कराया गया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतें ले ली हैं और तफ्तीश के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिया है।
