Hydrogen Train Haryana: धुएं की जगह सिर्फ भाप छोड़ेगी भारतीय रेलवे की नई ट्रेन, जानिए जींद-सोनीपत रूट का कितना होगा किराया
चीन-जर्मनी के क्लब में भारत की एंट्री: स्वदेशी तकनीक से बनी पहली हाइड्रोजन ट्रेन का हरियाणा में होगा दीदार
Hydrogen Train Haryana: जींद। देश व प्रदेश के इतिहास में भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन जींद जिले से सोनीपत के बीच 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह भारतीय रेलवे के नये भारत के इतिहास का एक नया अध्याय माना जा रहा है। रेलवे की माने तो यह ट्रेन सिर्फ भारत की नहीं दुनिया की सबसे लंबी ट्रेनों में एक है।
इसके संचालन के साथ भारत हरित परिवहन मिशन के तहत दुनिया का पांचवा देश बन जाएगा। रेलवे इतिहास में पहले इस तकनीक से कई देशों में यह ट्रेन संचालित हो रही है जिसमें से जर्मनी, फ्रांस , स्वीडन ,चीन शामिल है। भारत अब दुनिया का पांचवा देश बन जाएगा। यह टे्रन 8 कोचों की होगी जिसमें सभी कोच सामान्य क्षेणी के होंगे। चेनंई की इंटीग्रल कोच फैक्टरी में मेक इन इंडिया की स्वदेशी तकनीक शामिल होगी।
इस ट्रेन में आधुनिक तकनीक से जुड़ा हाइड्रोजन फ्यूल सिस्टम लगाया गया है जो ऑक्सीजन व हाइड्रोजन की रासायनिक से बिजली बनाता है। इससे चलती ट्रेन से धुएं या कार्बन उत्सर्जन की जगह केवल भाप व गर्मी निकलती है जबकि यह पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए अनुकूल ट्रेन मानी जा रही है।
इन स्टेशनों से होकर गुजरेगी यह ट्रेन
यह ट्रेन जींद जिले से सोनीपत के बीच करीबन 90 किलोमीटर लंबे रुट पर चलाई जा रही है। इस ट्रेन में एक बार हाइड्रोजन फ्यूल भरने के बाद यह 300 से 350 किलोमीटर तक के सफर को पूरा करेगी। इअस ट्रेन में लगभग 2600 से 2700 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी व 682 यात्री मेट्रो की तरह खड़े होकर भी सफर कर सकते है। ट्रेन की अ धिकतम गति 120 से 130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार होगी लेकिन अभी कुछ कारणों के वजह से इसको केवल ७५ किलोमीटर की गति से चलाया जाएगा।
इन स्टेशनों पर हेागा ठहराव
ट्रेन सप्ताह में छह दिन चलेगी व प्रतिदिन दो चक्कर लगाएगी। हफ्ते में एक दिन इसका रखरखाव किया जाएगा। सफर के दौरान ट्रेन जींद सिटी, पांडू पिंडारा, ललित खेड़ा, भामेवा, ईशापुर खेड़ी, बुताना, खांडराई, गोहाना, रभड़ा, लाठ, मोहाना हरियाणा व बड़वासनी समेत कई स्टेशनों पर रुकेगी। यात्रियों के लिए सबसे बड़ी राहत इसका किफायती किराया होगा जो जींद से सोनीपत के बीच पूरी यात्रा के बीच 5 रुपये से 25 रुपये तक का किराया अनुमानित है।
भविष्य में यह होगी योजना
इस परियोजना के तहत जींद में एक मेगावाट क्षमता का आध्ुनिकहाइड्रोजन प्लांट भी लगाया जाना है। यहां प्रतिदिन लगभग 430 किलोग्राम शुद्ध हाइड्रोजन का उत्पादन होगा और 3,000 किलोग्राम तक हाइड्रोजन भंडारण की व्यवस्था रहेगी। रेलवे की योजना ‘हाइड्रोजन फॉर हेरिटेजÓ अभियान के तहत भविष्य में देशभर के विरासत और पहाड़ी रूटों पर ऐसी 35 हाइड्रोजन ट्रेनें चलाने की है।
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