Kaithal News: दस्तावेज लेकर महिला के नाम पर निकाल लिए 16 लाख रुपये, अब आया नोटिस
हरियाणा में ठगी का नया पैंतरा
Kaithal News: हरियाणा के कैथल में एक लाचार और गरीब महिला को सरकारी मदद व लोन का झांसा देकर लाखों रुपये की चपत लगाने का एक बेहद ही हैरान करने वाला मामला प्रकाश में आया है. दो सगे ठगों ने लोन पास कराने के बहाने महिला से उसके जरूरी दस्तावेज (कागजात) अपने कब्जे में लिए और फिर पर्दे के पीछे जालसाजी का ऐसा ताना-बाना बुना कि पीड़ित परिवार कर्ज के दलदल में धंस गया.
आरोपियों ने महिला की मर्जी और जानकारी के बिना कागजों में उसे एक को-ऑपरेटिव सोसायटी का बकायदा हिस्सेदार बना दिया. इसके बाद उसके नाम पर बैंक से 16 लाख रुपये का मोटा लोन स्वीकृत कराया और पूरी रकम लेकर रफूचक्कर हो गए.
50 हजार की दरकार थी, रोबिन नाम के युवक ने चली चाल
इस पूरे मामले की शिकार कैथल शहर से सटे गांव देवीगढ़ की रहने वाली प्रियंका हुई हैं. पीड़िता ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि साल 2023 में उनके परिवार को पैसों की सख्त जरूरत थी. इसी दौरान गांव के ही रोबिन नाम के एक युवक ने उनसे संपर्क किया और भरोसा दिलाया कि वह सरकारी योजना के तहत उन्हें बेहद आसान किस्तों पर 50 हजार रुपये का लोन दिलवा देगा. रोबिन की बातों में आकर प्रियंका ने लोन की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए अपने तमाम निजी दस्तावेज उसके हवाले कर दिए. इसके बाद आरोपी महीनों तक उन्हें टरकाता रहा और लोन न मिलने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया, लेकिन असली खेल तो वो पीछे खेल चुका था.
घर पहुंचा 16 लाख का रिकवरी नोटिस, तो पैरों तले खिसक गई जमीन
धोखाधड़ी की यह कहानी तब तक दबी रही जब तक कि हाल ही में को-ऑपरेटिव सोसायटी की तरफ से एक आधिकारिक नोटिस प्रियंका के घर नहीं आ धमका. इस नोटिस को पढ़ते ही पूरे परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई. नोटिस में साफ अक्षरों में लिखा था कि प्रियंका ने सोसायटी की सदस्य होने के नाते 16 लाख रुपये का कर्ज ले रखा है, जिसे ब्याज सहित जल्द से जल्द जमा कराया जाए.
प्रियंका ने रोते हुए बताया, “हमारा परिवार बेहद गरीब है. मेरे पति दिन-भर पसीना बहाकर मजदूरी करते हैं, तब जाकर घर का चूल्हा जलता है. हमने कभी एक लाख रुपये एक साथ नहीं देखे, हम 16 लाख का यह भारी-भरकम कर्ज कहां से और कैसे चुकाएंगे?”
एसपी मनप्रीत सिंह सूदन से लगाई गुहार, जांच में जुटी पुलिस
पीड़िता प्रियंका का कहना है कि उन्हें तो यह भी नहीं पता कि कोई को-ऑपरेटिव सोसायटी क्या होती है, उसका मेंबर कैसे बना जाता है और वहां काम कैसे होता है. आरोपियों ने उनके सीधेपन का फायदा उठाकर कागजात का गलत इस्तेमाल किया और खुद मालामाल हो गए. इस नाइंसाफी के खिलाफ न्याय पाने के लिए पीड़िता ने कैथल के पुलिस अधीक्षक (एसपी) मनप्रीत सिंह सूदन से मुलाकात की और लिखित शिकायत सौंपकर आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है.
मामले की गंभीरता और गरीब परिवार की लाचारी को देखते हुए एसपी ने पीड़ित परिवार को निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने का पूरा भरोसा दिया है.
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