July 26, 2026

Meham Mahapanchayat: महम चौबीसी चबूतरे पर आज महापंचायत, गन कल्चर और अश्लीलता के खिलाफ एकजुट हुईं 100 से ज्यादा खापें

0
Meham Mahapanchayat: महम चौबीसी चबूतरे पर आज महापंचायत, गन कल्चर और अश्लीलता के खिलाफ एकजुट हुईं 100 से ज्यादा खापें

स्टेज पर अश्लील डांस और गन कल्चर पर लगेगा बैन? महम में खाप पंचायतों की बड़ी बैठक

Meham Mahapanchayat: हरियाणा की सांस्कृतिक साख को नुकसान पहुंचा रहे ‘गन और गंदे कल्चर’ के खिलाफ आज रोहतक के महम में खाप पंचायतों की ऐतिहासिक जुगलबंदी देखने को मिल रही है।

प्रसिद्ध महम चौबीसी चबूतरे पर उत्तर भारत की 100 से अधिक खाप पंचायतों के प्रतिनिधि एक मंच पर इकट्ठा हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर फैल रही अश्लीलता, गानों में हथियारों के महिमामंडन और समाज में बढ़ती कुरीतियों पर लगाम कसने के लिए यह महापंचायत बुलाई गई है। भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत के साथ-साथ कई खाप चौधरियों के इस चौपाल में पहुंचने की संभावना है।

कलाकारों को न्योता, सपना चौधरी से जुड़े विवाद के बाद बढ़ी हलचल

चौबीसी खाप के प्रधान सुभाष गोयत ने बताया कि इस महापंचायत में अजय हुड्डा, एमडी देसी रॉकस्टार और डांसर सपना चौधरी के पति वीर साहू जैसे नामचीन हरियाणवी कलाकारों को भी आमंत्रित किया गया है।

दरअसल, जाट आंदोलन से जुड़े रहे धर्मेंद्र हुड्डा द्वारा सोशल मीडिया पर सपना चौधरी और प्रिया रेवाड़ी को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों और अश्लील कंटेंट के खिलाफ छेड़ी गई मुहिम के बाद खापें हरकत में आईं। खाप पंचायतों का मानना है कि लोक कला के नाम पर परोसी जा रही फूहड़ता पर अब कड़ाई से रोक लगाना जरूरी हो गया है।

लिव-इन, दहेज और स्टेज डांस पर कड़े फैसलों की तैयारी

महापंचायत के एजेंडे में केवल सोशल मीडिया ही नहीं, बल्कि कई गहरे सामाजिक मुद्दे भी शामिल हैं। सुभाष गोयत के मुताबिक, पंचायत में लिव-इन रिलेशनशिप, एक ही गांव या एक गोत्र में शादियों का विरोध, दहेज प्रथा, और मृत्युभोज जैसी परंपराओं को खत्म करने पर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किए जाएंगे।

इसके अलावा, कई धार्मिक स्थलों और गौशालाओं के कार्यक्रमों में चंदा जुटाने के नाम पर आयोजित होने वाले फूहड़ स्टेज डांस पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

1857 की क्रांति के प्रतीक चबूतरे पर जुटा उत्तर भारत

जिस महम चौबीसी चबूतरे पर यह महापंचायत हो रही है, उसका अपना एक अलग ही ऐतिहासिक और सामाजिक महत्व है। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों की स्मृति से जुड़े इस चबूतरे पर हुड्डा, दलाल, दहिया, सांगवान, अहलावत, नैन और बालियान समेत दर्जनों प्रमुख खापों के प्रतिनिधि मौजूद हैं।

3 हजार से अधिक लोगों के बैठने और बाहर से आने वाले प्रतिनिधियों के लिए भोजन-पानी का प्रबंध चौबीसी खाप द्वारा किया गया है। इतिहास गवाह है कि इस चबूतरे से लिया गया सामाजिक फैसला पूरे हरियाणा और आसपास के राज्यों में नजीर बनता रहा है।

यह भी पढ़ें– Narnaul News: महेंद्रगढ़ के नारनौल में दर्दनाक रेल हादसा, तड़के मालगाड़ी की चपेट में आया 30 वर्षीय युवक

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed