Rohtak News: रोहतक में रातभर चला ‘रात जागो देश बचाओ’ अभियान, NEET पेपर लीक पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
दिल्ली छात्र लाठीचार्ज के विरोध में रोहतक की सड़कों पर उतरे अभिभावक, अंबेडकर चौक पर 12 घंटे का प्रदर्शन
Rohtak News: दिल्ली के जंतर-मंतर पर बीते 20 जुलाई को छात्र-छात्राओं पर हुए लाठीचार्ज और देशभर में गरमाए नीट (NEET) पेपर लीक मामले की आंच अब हरियाणा तक पहुंच चुकी है।
के ऐतिहासिक अंबेडकर चौक पर छात्रों, अभिभावकों और नागरिक संगठनों ने मिलकर 12 घंटे का ‘रात जागो देश बचाओ’ अभियान चलाया। शनिवार रातभर चले इस धरने में सैकड़ों अभिभावक अपने बच्चों के साथ सड़कों पर डटे रहे और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि अब यह लड़ाई सिर्फ छात्रों की नहीं, बल्कि देश के भविष्य को बचाने की जंग बन चुकी है।
पेपर लीक और पुलिसिया बर्बरता से जनता में भारी आक्रोश
आंदोलन में शामिल हुईं वनिता ढाका ने सीधे तौर पर पुलिस प्रशासन और सरकार की नीयत पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आक्रोश जताते हुए कहा कि 2014 के बाद से लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं, लेकिन सरकार ठोस कदम उठाने के बजाय आवाज उठाने वाले छात्रों पर लाठियां बरसा रही है।
वनिता ने कहा, “20 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने हमारे बच्चों के साथ जो व्यवहार किया, वह बेहद शर्मनाक है। जब देश की माताएं और बहनें अपने बच्चों के हक के लिए सड़क पर उतर आती हैं, तो इतिहास बदल जाता है। अब यह अनपढ़ रवैया बर्दाश्त नहीं होगा और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही पड़ेगा।”
अभिमन्यु की तरह चक्रव्यूह में फंसाकर हुआ हमला: SFI
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) के जिलाध्यक्ष अमित पिलाना ने दिल्ली में हुए घटनाक्रम की तुलना महाभारत के चक्रव्यूह से कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान पुलिस ने सुनियोजित तरीके से कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर के आसपास युवाओं को घेरा और उन पर वाटर कैनन, आंसू गैस के गोले छोड़े तथा बिजली के झटके दिए।
पिलाना ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि छात्राओं के साथ बर्बरता की गई और पुलिसिया हिंसा के चलते कई छात्रों की तबीयत बिगड़ी, जिन्हें मौके पर सीपीआर तक देना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार आरएसएस के दबाव के कारण शिक्षा मंत्री का बचाव कर रही है।
22 युवाओं की खुदकुशी का कौन है जिम्मेदार?
दिशा छात्र संगठन के प्रतिनिधि इंद्रजीत और किसान नेता सुमित सिंह ने आंकड़ों के जरिए सरकार को कटघरे में खड़ा किया। इंद्रजीत ने कहा कि पिछले 12 सालों में 172 परीक्षाओं में धांधली के मामले सामने आए हैं और करीब 87 परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं। नीट पेपर लीक के तनाव में आकर 22 होनहार युवाओं ने आत्महत्या कर ली, जिसकी सीधी जिम्मेदारी सरकार की है।
वहीं सुमित सिंह ने कहा कि एनटीए (NTA) जैसी एजेंसियों पर कार्रवाई करने के बजाय सरकार तानाशाही दिखा रही है। रोहतक का यह 12 घंटे का पड़ाव दिल्ली में संघर्ष कर रहे छात्रों के समर्थन में है और जब तक शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय नहीं होगी, यह आंदोलन थमने वाला नहीं है।
यह भी पढ़ें– Narnaul News: महेंद्रगढ़ के नारनौल में दर्दनाक रेल हादसा, तड़के मालगाड़ी की चपेट में आया 30 वर्षीय युवक
