Narnaul news: नारनौल के बंद स्टोन क्रेशर में मिला यूपी के मजदूर का शव, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
खातौली अहीर में बंद क्रेशर के होद में मिला शव
Narnaul news: हरियाणा के नारनौल स्थित खातौली अहीर गांव से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक बंद पड़े स्टोन क्रेशर के भीतर शकील अहमद उर्फ भूरा है जो कि उतर प्रदेश के गांव बंजरिया जिला बरेली का है। शकील अहमद का शव क्रेशर के कन्वेयर सिस्टम के होद (गड्ढे) में पड़ा मिला, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया। जैसे ही यह खबर फैली, मृतक के परिजन, स्थानीय ग्रामीण और क्रेशर पर काम करने वाले अन्य प्रवासी मजदूर भारी संख्या में मौके पर जमा हो गए और क्रेशर प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
बिजली कटी थी तो करंट कैसे लगा? पुलिस के दावे पर उठे सवाल
इस पूरी घटना ने उस वक्त तूल पकड़ लिया जब पुलिस की शुरुआती थ्योरी और जमीनी हकीकत में बड़ा विरोधाभास नजर आया। स्थानीय ग्रामीण वेद प्रकाश शर्मा ने बताया कि ‘श्री गणेश स्टोन क्रेशर’ पिछले करीब 10 से 12 महीनों से पूरी तरह बंद पड़ा है। बिजली का करीब 5 से 10 लाख रुपए का बिल बकाया होने की वजह से यहां का पावर कनेक्शन काफी पहले ही काटा जा चुका है। ऐसे में ग्रामीणों का साफ तर्क है कि जब क्रेशर में बिजली ही नहीं थी, तो होद में करंट आने का सवाल ही पैदा नहीं होता, जबकि पुलिस प्रशासन की ओर से शुरुआती तौर पर इसे करंट लगने से हुई मौत का हादसा बताया जा रहा है।
“जब साल भर से क्रेशर की बिजली कटी हुई है, तो पुलिस इसे करंट लगने का हादसा बताकर किसे बचाने की कोशिश कर रही है? इस पूरे मामले की परतें खुलनी चाहिए।”
— वेद प्रकाश शर्मा, स्थानीय ग्रामीण
परिजनों का सीधा आरोप—मालिकों ने बुलाकर की हत्या
मृतक बाबू राम के साथ काम करने वाले यूपी के अन्य प्रवासी मजदूरों और परिजनों ने क्रेशर मालिकों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि शकील अहमद को क्रेशर मालिकों ने ही किसी काम के सिलसिले में फोन करके बुलाया था। इसके बाद साजिश के तहत उसकी हत्या कर दी गई और मामले को दबाने की कोशिश की गई। परिजनों के मुताबिक, यह वारदात गुरुवार शाम की ही है, लेकिन उन्हें बेहद साजिशी तरीके से देर रात ढाई बजे इसकी सूचना दी गई। मजदूरों का कहना है कि शकील अहमद की मौत कोई सामान्य हादसा नहीं है और इसकी उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
शव को होद से निकालने पर अड़े प्रदर्शनकारी, FSL टीम तैनात
घटना की गंभीरता और मौके पर बढ़ते तनाव को देखते हुए निजामपुर थाना पुलिस और आला अधिकारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। गुस्साए प्रदर्शनकारी इस बात पर अड़ गए कि जब तक क्रेशर मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और इंसाफ का भरोसा नहीं मिलता, तब तक वे शव को होद से बाहर नहीं निकालने देंगे। निजामपुर थाना प्रभारी धर्मसिंह ने बताया कि पुलिस रात से ही परिजनों को समझाने का प्रयास कर रही है और मौके पर साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को भी बुला लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जब तक डेडबॉडी को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजा जाता, तब तक मौत के असली कारणों का वैज्ञानिक खुलासा होना मुमकिन नहीं है।
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