July 8, 2026

Nilokheri news: रिदम वैली स्कूल के प्रबंधक ने होटल की जगह गऊशाला में मनाया बेटे का जन्मदिन, पेश की अनूठी मिसाल

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Nilokheri news: रिदम वैली स्कूल के प्रबंधक ने होटल की जगह गऊशाला में मनाया बेटे का जन्मदिन, पेश की अनूठी मिसाल

बेटे के जन्मदिवस पर गौ-सेवा कर शर्मा परिवार ने जीता सबका दिल

Nilokheri news: आधुनिकता की अंधी दौड़ और पाश्चात्य संस्कृति के बढ़ते प्रभाव के बीच, जहां आज की युवा पीढ़ी जन्मदिन जैसे अवसरों पर महंगे होटलों और दिखावे के आयोजनों में पैसा बहाने को शान समझती है, वहीं नीलोखेड़ी के एक परिवार ने इसके ठीक उलट एक ऐसी मिसाल पेश की है जो समाज को अपनी जड़ों की ओर लौटने का अहसास कराती है। क्षेत्र के प्रतिष्ठित रिदम वैली पब्लिक स्कूल के प्रबंधक रामदत्त शर्मा ने अपने सुपुत्र के जन्मदिवस को किसी आधुनिक चकाचौंध के बीच मनाने के बजाय, बोहला खालसा स्थित बाबा हरिदास श्री कृष्ण गोपाल गऊशाला में बेहद सादगी और धार्मिक श्रद्धा के साथ मनाया। इस दौरान पूरे परिवार ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गौमाता की विशेष पूजा-अर्चना की, उन्हें चारा खिलाया और सनातन परंपरा के अनुसार आशीर्वाद लिया।

“केक और मोमबत्तियों के शोर से हटकर बच्चों को दें संस्कारों की थाती”

इस खास मौके पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए रिदम वैली स्कूल के प्रबंधक रामदत्त शर्मा भावुक नजर आए। उन्होंने मौजूदा सामाजिक व्यवस्था पर अपनी बेबाक राय रखते हुए कहा, “आज के इस दौर में हम कहीं न कहीं पश्चिमी सभ्यता के दिखावे और फिजूलखर्ची के जाल में फंसते जा रहे हैं। हमें इस दिखावे वाली परंपरा की बेड़ियों को तोड़कर अपनी समृद्ध वैदिक संस्कृति को पुनर्जीवित करना होगा।”

शर्मा ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि बच्चों के मन और मस्तिष्क पर बचपन में पड़ने वाले प्रभाव ही उनके भविष्य के चरित्र का निर्माण करते हैं। यदि हम अपने बच्चों के जन्मदिन जैसे पावन मौकों पर उन्हें गऊशाला लेकर आएंगे, बुजुर्गों का आशीर्वाद दिलाएंगे और जीवों के प्रति करुणा का पाठ पढ़ाएंगे, तो उनके भीतर स्वतः ही उच्च कोटि के मानवीय संस्कार और सनातन परंपराओं के प्रति गौरव का भाव जागृत होगा। उन्होंने समाज के प्रबुद्ध वर्ग और आम परिवारों से भी पुरजोर अपील की कि वे अपने घरों के मांगलिक उत्सवों को गऊशालाओं और अनाथालयों जैसे सेवा केंद्रों से जोड़ें।

गऊशाला समिति ने जताया आभार, कहा— “ऐसे प्रयास ही बचाएंगे हमारी पहचान”

रामदत्त शर्मा और उनके परिवार के इस अनूठे व अनुकरणीय कदम की गऊशाला प्रबंधन ने जमकर सराहना की। इस अवसर पर गऊशाला कमेटी के उपप्रधान जगदीश सांवत, करेशन मैहला और रामचंद्र शर्मा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। समिति के पदाधिकारियों ने शर्मा परिवार का गऊशाला परिसर पहुंचने पर पारंपरिक रूप से गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें एक स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।

कमेटी के सदस्यों ने बालक के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि रामदत्त शर्मा का गऊशाला से नाता कोई नया नहीं है। वे लंबे समय से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं और समय-समय पर तन, मन और धन से गौमाता की सेवा में बढ़-चढ़कर आहुति देते रहे हैं। पदाधिकारियों का मानना है कि एक शिक्षाविद और स्कूल प्रबंधक होने के नाते रामदत्त शर्मा द्वारा उठाए गए इस कदम का असर केवल उनके परिवार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उनके स्कूल के विद्यार्थियों, अभिभावकों और पूरे समाज में गौ-सेवा व भारतीय संस्कृति के प्रति एक बेहद सकारात्मक और दूरगामी संदेश लेकर जाएगा।

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