Sugni Devi School: सुगनी देवी आर्य गर्ल्स स्कूल में इन्वेस्चर सेरेमनी की धूम, बैज पहनकर खिले बाल नेताओं के चेहरे
लाडवा में सुगनी देवी स्कूल के छात्रों ने दिखाई लीडरशिप
Sugni Devi School: भावी पीढ़ी के भीतर नेतृत्व क्षमता और जिम्मेदारी का अहसास जगाने के उद्देश्य से लाडवा स्थित सुगनी देवी आर्य गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में छात्र परिषद के ‘अलंकरण समारोह’ (इन्वेस्चर सेरेमनी) का बेहद गरिमामय आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस विशेष समारोह के दौरान लोकतांत्रिक प्रक्रिया से चुने गए नए छात्र पदाधिकारियों को बैज और सैशे पहनाकर उनके आधिकारिक दायित्वों से रू-ब-रू कराया गया।
हरमन और राधिका के हाथों में कमान, चारों सदनों को मिले नए लीडर्स
कार्यक्रम की मुख्य कड़ी के रूप में विद्यालय की प्रधानाचार्या पूजा छाबड़ा ने मंच पर नवनिर्वाचित हेड बॉय हरमन और हेड गर्ल राधिका को आधिकारिक बैज लगाकर सम्मानित किया और छात्र परिषद की कमान सौंपी। इसके बाद स्कूल के चारों प्रमुख सदनों के कप्तानों के नामों की घोषणा की गई, जिसमें:
सेवा सदन: दीक्षा को कप्तान और शिवांशी को उप-कप्तान की जिम्मेदारी मिली।
कर्म सदन: शगुन कप्तान और गुरतरण उप-कप्तान चुने गए।
परोपकार सदन: श्रुति को कप्तान और सुनाक्षी को उप-कप्तान का कार्यभार सौंपा गया।
सत्य सदन: अलीशा कप्तान और नव्या टंडन उप-कप्तान के रूप में अलंकृत हुईं।
समारोह के सबसे भावुक और गौरवशाली क्षण में इन सभी प्रमुखों सहित कुल 62 नवनिर्वाचित विद्यार्थियों ने एक सुर में अपने स्कूल, देश और समाज की बेहतरी के लिए पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण भाव से काम करने का संकल्प लिया।
पद और अधिकार: युवाओं को ‘पावरफुल और केयरिंग’ बनाने का जरिया
विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए प्रधानाचार्या पूजा छाबड़ा ने इस आयोजन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “इन्वेस्चर सेरेमनी केवल एक रस्म नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा महत्वपूर्ण अवसर है जहां नवनिर्वाचित छात्र प्रतिनिधियों को वास्तविक भूमिकाएं सौंपी जाती हैं। बच्चों को पदनाम और अधिकार देना इसलिए जरूरी है, क्योंकि यह उन्हें एक ही समय में शक्तिशाली होने के साथ-साथ दूसरों की देखभाल करने का अनूठा आजीवन कौशल (लाइफ स्किल) सिखाता है।”
उन्होंने आगे जोड़ा कि ये युवा नेता न केवल अपने सहपाठियों का मार्गदर्शन करेंगे, बल्कि अपनी रणनीतिक योजना, समस्या समाधान (प्रॉब्लम सॉल्विंग), संगठनात्मक क्षमता और बेहतरीन संचार कौशल (कम्युनिकेशन स्किल्स) के जरिए पूरे स्कूल के माहौल में एक सकारात्मक बदलाव लाएंगे।
इस पूरे गरिमामयी आयोजन के दौरान विद्यालय की हेडमिस्ट्रेस, विभिन्न विभागों के को-ऑर्डिनेटर्स और समस्त शिक्षकवृंद मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन सामूहिक रूप से गाए गए राष्ट्रगान की गौरवपूर्ण गूंज के साथ हुआ। अंत में, विद्यालय प्रबंधन समिति और शिक्षकों ने सामूहिक रूप से नवगठित छात्र परिषद को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल और सफल भविष्य की कामना की।
यह भी पढ़ें– श्रीकृष्ण ने महाभारत के लिए क्यों चुनी थी कुरुक्षेत्र की जमीन
