August 15, 2026

Pali Python Video: पाली में 13 फीट के अजगर का मोर निगलने का VIDEO वायरल, लोगों को देखकर उगल दिया

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Pali Python Video: पाली में 13 फीट के अजगर का मोर निगलने का VIDEO वायरल, लोगों को देखकर उगल दिया

पाली में 13 फीट के अजगर का मोर निगलने का VIDEO वायरल

Pali Python Video: पाली में कुम्भलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य की सरहद से लगे परशुराम महादेव बगेची झुंपा क्षेत्र में गुरुवार शाम एक अजगर को लेकर लोगों में हलचल मच गई। करीब 13 फीट लंबे और 35 किलो वजनी अजगर ने उमाराम जाट के खेत में एक मरे हुए मोर को निगल लिया था। खेत में काम कर रही महिलाओं की नजर घास-फूंस की तरफ गई तो उन्होंने अजगर को जमीन पर पड़ा देखा। उसका पेट असामान्य रूप से फूला हुआ था और गौर से देखने पर उसके मुंह से मोर के पंख बाहर दिखाई दे रहे थे।

 

महिलाओं ने वन विभाग को दी सूचना

अजगर को देखकर खेत में काम कर रही महिलाएं पहले घबरा गईं। बाद में उन्हें समझ आया कि उसके पेट में मोर है। उन्होंने तुरंत वन विभाग और टाइगर रेस्क्यू टीम को सूचना दी। कुम्भलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य के क्षेत्रीय वन अधिकारी अरविंद सिंह झाला के अनुसार, घटना परशुराम बगेची झुंपा क्षेत्र में हुई। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके के लिए रवाना हुई।

 

भीड़ देखकर अजगर ने मोर को उगलना शुरू किया

वन विभाग की टीम गुरुवार शाम करीब 5:30 बजे मौके पर पहुंची। उस समय आसपास लोगों की मौजूदगी से अजगर बेचैन हो गया और उसे खतरा महसूस हुआ। इसके बाद उसने निगले हुए मोर को वापस उगलना शुरू कर दिया। बताया गया कि मोर करीब एक घंटे तक अजगर के पेट में रहा। मोर बाहर निकलने के बाद अजगर की हालत भी बिगड़ती दिखाई दी और वह बेचैन होकर निढाल पड़ गया।

 

रेस्क्यू टीम ने प्लास्टिक के कट्टे में डाला

अजगर की हालत को देखते हुए वन विभाग और टाइगर रेस्क्यू टीम ने उसे सुरक्षित पकड़ने की कार्रवाई शुरू की। वन विभाग के सहायक वनपाल ईश्वर सिंह और रेस्क्यू टीम के रफीक ने पहले अजगर को पूंछ की तरफ से पकड़ा। अजगर के झटपटाने पर टीम ने उसे मुंह की तरफ से नियंत्रित किया और सुरक्षित तरीके से प्लास्टिक के कट्टे में डाल दिया। रेस्क्यू के दौरान टीम ने अजगर को चोट से बचाने का भी ध्यान रखा।

 

राजपुरा बांध में छोड़ा गया अजगर

सहायक वनपाल ईश्वर सिंह ने बताया कि रेस्क्यू के बाद अजगर को उसके प्राकृतिक आवास के अनुकूल जगह पर छोड़ा गया। टीम ने उसे राजपुरा बांध के जलीय क्षेत्र में रिलीज किया। वन क्षेत्र से सटे खेतों में इस तरह वन्यजीवों की मौजूदगी लोगों के लिए अक्सर चिंता का कारण बनती है। ऐसे मामलों में वन विभाग को सूचना देना जरूरी है, ताकि वन्यजीव को नुकसान पहुंचाए बिना सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सके।

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