Panchkula Fraud Case: हरियाणा के पंचकूला में प्रॉपर्टी के नाम पर फर्जी दस्तावेज बनाकर लोगों की गाढ़ी कमाई हड़पने वाले एक बड़े रैकेट का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पंचकूला पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की टीम ने कार्रवाई करते हुए सेक्टर-8 निवासी अनमोल अरोड़ा को दबोच लिया है। आरोपी शहर के नामचीन प्रॉपर्टी डीलरों के साथ अपनी ऊंची पहुंच और नजदीकी का ढोंग रचाकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। लोगों का भरोसा जीतने के बाद वह फर्जी एग्रीमेंट तैयार करवाकर उनसे करोड़ों रुपये निवेश करा लेता था।
81.50 लाख की शिकायत से खुला 6.72 करोड़ का महाघोटाला
डीसीपी पंचकूला आईपीएस अदिति सिंह ने बताया कि इस पूरे मामले की कड़ियां इस साल 15 मई को दर्ज हुई एक एफआईआर से जुड़ती हैं। सेक्टर-7 थाने में पंचकूला की ही एक युवती ने शिकायत दर्ज कराई थी कि अनमोल ने प्रॉपर्टी दिलाने के नाम पर फर्जी एग्रीमेंट टू सेल थमाकर उससे 81.50 लाख रुपये ठग लिए।
जब पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की, तो परत-दर-परत सच सामने आने लगा। जांच में पता चला कि आरोपी के खिलाफ अकेले सेक्टर-7 थाने में ही धोखाधड़ी के तीन अलग-अलग केस दर्ज हैं और उसने अब तक 15 लोगों को लगभग 6 करोड़ 72 लाख रुपये का चूना लगाया है।
गिरफ्तारी से बचने का अनोखा ड्रामा, खुद की ही लिखवा दी थी गुमशुदगी
मामले की तफ्तीश के दौरान पुलिस के सामने एक बेहद चौंकाने वाली बात आई। जब आरोपी को लगा कि कानून शिकंजा कस रहा है और ठगी की शिकार जनता उस तक पहुंचने वाली है, तो उसने पुलिस को चकमा देने के लिए अपनी ही गुमशुदगी की कहानी गढ़ डाली। आरोपी ने सेक्टर-7 थाने में खुद के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज करवा दी ताकि पुलिस और पीड़ित उसे ढूंढना बंद कर दें।
हालांकि, आर्थिक अपराध शाखा की पैनी नजरों से वह ज्यादा दिन बच नहीं सका और टीम ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। आरोपी से ठगी की रकम बरामद करने और अन्य मामलों के तार जोड़ने के लिए अदालत ने उसे 5 दिन के पुलिस रिमांड पर सौंप दिया है।
पुलिस कमिश्नर की सख्त चेतावनी, प्रॉपर्टी सौदों में बरतें सावधानी
इस बड़ी गिरफ्तारी के बाद पंचकूला पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि फर्जी दस्तावेजों के दम पर जनता को लूटने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने आम जनता और निवेशकों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी जमीन या मकान का सौदा तय करने से पहले उससे जुड़े तमाम कागजातों की बारीकी से पड़ताल जरूर करें। किसी के झांसे में आने के बजाय सरकारी रिकॉर्ड और संबंधित विभागों से सत्यापन कराएं, और यदि किसी भी तरह के फर्जीवाड़े का अंदेशा हो तो बिना देरी किए तुरंत पुलिस को सूचना दें।
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