Panipat News: दिल्ली में चल रहे एक विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए रवाना हुए इसराना के पूर्व विधायक बलबीर बाल्मीकि (Israna former MLA Balbir Valmiki) को शुक्रवार को पानीपत पुलिस ने रास्ते में ही रोक लिया। पूर्व विधायक अपने समर्थकों के साथ गाड़ियों के बड़े काफिले के साथ दिल्ली की तरफ कूच कर रहे थे।
जैसे ही उनका काफिला हल्दाना चौकी (Haldana Chowki Panipat) के पास पहुंचा, पहले से मुस्तैद पुलिस बल ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें उनके साथियों से अलग किया और वापस उनके घर ले आई। इस पूरी कार्रवाई के दौरान डीएसपी सुरेश सैनी और इसराना थाना प्रभारी हरिराम समेत भारी पुलिस बल मौजूद रहा।
कार्रवाई के दौरान पूर्व विधायक ने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों से उन्हें रोके जाने का कारण पूछा, लेकिन पुलिसकर्मी कोई संतोषजनक या स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। बलबीर बाल्मीकि ने अधिकारियों से साफ कहा कि यदि पुलिस को उनके काफिले में शामिल वाहनों की तलाशी लेनी है, तो वे इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन उन्हें दिल्ली जाने से रोकना उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। इसके बावजूद पुलिस ने उनके काफिले को आगे नहीं बढ़ने दिया।
‘वोट चोरी का खुद शिकार हूं, शांतिपूर्ण प्रदर्शन मेरा अधिकार’
पुलिस हिरासत से लौटने के बाद पूर्व विधायक बलबीर बाल्मीकि ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वे खुद भी वोट चोरी के शिकार रह चुके हैं और इसी वजह से पिछला चुनाव हार चुके हैं। (Delhi protest news Hindi) उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के संविधान और लोकतंत्र ने हर नागरिक को अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने और शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराने का पूरा अधिकार दिया है। वे भी किसी उपद्रव के बजाय अपने साथियों के साथ पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली जा रहे थे।
पूर्व विधायक ने पानीपत पुलिस की इस कार्रवाई पर बड़ा सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि एक जनप्रतिक्रिया या शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने से रोकना सरासर अन्याय है। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन को लोकतंत्र में असंतोष और विरोध जताने के मौलिक अधिकारों का सम्मान करना चाहिए, न कि इस तरह बलपूर्वक आवाज को दबाने का प्रयास करना चाहिए।
यह भी पढ़ें– Faridabad News: छात्रा के घर लटका मिला 10वीं के छात्र का शव, परिजनों का हंगामा, पुलिस पर पथराव

