Pehowa News: पिहोवा में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब, स्वामी ज्ञानानंद महाराज बोले- गीता पूजा का ग्रंथ नहीं, जीवन जीने की कला है
गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने बताए जीवन में मानसिक शांति पाने के उपाय
Pehowa News: पिहोवा की अनाज मंडी में आयोजित श्रीमद्भगवद्गीता कथा व सत्संग समारोह के अंतिम दिन आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। विशाल पंडाल श्रद्धालुओं की भीड़ से छोटा पड़ गया। सत्संग के समापन अवसर पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए गीता मनीषी महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने कहा कि सत्संग कोई साधारण संयोग नहीं है, बल्कि यह प्रभु की विशेष अनुकंपा का परिणाम होता है। जब ईश्वर की कृपा होती है, तभी व्यक्ति के भीतर आध्यात्मिक जिज्ञासा जागती है।
स्टेयरिंग की तरह सोच तय करती है जीवन का सफर
स्वामी जी ने दैनिक जीवन में गीता के व्यावहारिक उपयोग पर बल देते हुए कहा कि भगवद्गीता मनुष्य को संकटों से उबारकर संतुलित जीवन जीने का तरीका सिखाती है। उन्होंने जीवन में समय की महत्ता रेखांकित करते हुए कहा कि बीता हुआ वक्त कभी वापस नहीं आता, इसलिए जो व्यक्ति समय का आदर करता है, समय भी उसे मान-सम्मान देता है।
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा, “जैसे किसी वाहन की दिशा उसका स्टेयरिंग तय करता है, ठीक उसी तरह इंसान की सोच उसके जीवन की दिशा निर्धारित करती है। अगर सोच सकारात्मक और शुद्ध है, तो कर्म भी श्रेष्ठ ही होंगे।”
‘मैं नहीं, प्रभु करा रहे हैं’— भाव सुधरे तो कर्म बना पूजा
कथा के दौरान स्वामी ज्ञानानंद जी ने समझाया कि जब हमारे काम में समर्पण का भाव जुड़ जाता है, तो साधारण घर-गृहस्थी का काम भी भक्ति बन जाता है। ब्रज की गोपियों के निश्छल प्रेम का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि सच्चा प्रेम मन के अहंकार को मिटा देता है। आज के दौर में भौतिक सुख-सुविधाएं तो बहुत हैं, लेकिन मन की शांति गायब होती जा रही है। ऐसे माहौल में गीता का निष्काम कर्मयोग ही मनुष्य को तनावमुक्त और शांत रहने की राह दिखाता है।
सामाजिक एवं युवा जागृति अभियानों को दी थपकी
प्रवचन के उपरांत स्वामी जी ने श्री कृष्ण कृपा बाल संस्कार केंद्र, जीओ गीता युवा चेतना और महिला संकीर्तन मंडल के सामाजिक व सांस्कृतिक प्रयासों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों में बचपन से ही नैतिक संस्कारों का बीजारोपण करना, महिलाओं द्वारा घर-घर गीता का प्रचार करना और युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर रखकर राष्ट्र निर्माण में जोड़ना अत्यंत सराहनीय पहल है।
इससे पहले हरियाणा सरकार के पूर्व मंत्री कृष्ण बेदी, गोसेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण गर्ग, हरपाल सिंह चीका, रोशन लाल गर्ग, राजीव थरेजा, विपिन काहड़ा और गौरव गुलाटी ने सामूहिक रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
सत्संग के अंत में श्याम परिवार पिहोवा द्वारा गीता जी की भव्य आरती उतारी गई और प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन द्वारा श्रद्धालुओं के लिए विशाल प्रसाद सेवा का आयोजन किया गया। भक्तिमय भजनों और गीता के दिव्य संदेशों से पूरा पिहोवा शहर अध्यात्म के रंग में रंगा नजर आया।
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