Pradeep Rawat Funeral: ‘महाभारत’ के अश्वत्थामा प्रदीप रावत पंचतत्व में विलीन, फिल्म जगत ने दी श्रद्धांजलि
'महाभारत' के अश्वत्थामा प्रदीप रावत पंचतत्व में विलीन
Pradeep Rawat Funeral: हिंदी सिनेमा और टेलीविजन जगत के वरिष्ठ अभिनेता प्रदीप रावत को बुधवार को मुंबई में अंतिम विदाई दी गई। गोरेगांव (पश्चिम) स्थित बेस्ट कॉलोनी के पास उनका अंतिम संस्कार किया गया। मंगलवार शाम 74 वर्ष की उम्र में उनके निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म और टीवी जगत में शोक की लहर दौड़ गई थी। अंतिम संस्कार में अभिनेता आमिर खान, रजा मुराद और उद्योग से जुड़े कई अन्य लोगों ने पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रदीप रावत लंबे समय से अभिनय की दुनिया से जुड़े रहे और उन्होंने टेलीविजन सेलेकर हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, बंगाली और भोजपुरी फिल्मों तक अपनी अलग पहचान बनाई। उनके निधन से भारतीय सिनेमा ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया, जिसने अलग-अलग भाषाओं की फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाईं।
कैंसर से जूझ रहे थे प्रदीप रावत
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदीप रावत के मैनेजर सिद्धार्थ तिवारी ने बताया था कि अभिनेता कैंसर से पीड़ित थे। बीमारी दोबारा लौट आने के बाद पिछले करीब एक महीने से उनका अस्पताल में इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान मंगलवार शाम उनका निधन हो गया।
उनके निधन की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर फिल्म जगत और प्रशंसकों ने शोक व्यक्त किया। कई लोगों ने उनके अभिनय और लंबे फिल्मी सफर को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी।
‘महाभारत’ में अश्वत्थामा के किरदार से मिली पहचान
प्रदीप रावत ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत बी.आर. चोपड़ा के लोकप्रिय धारावाहिक ‘महाभारत’ से की थी। इस सीरियल में उन्होंने अश्वत्थामा का किरदार निभाया, जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया। इसी भूमिका ने उन्हें घर-घर पहचान दिलाई और बाद में फिल्मों में भी उनके लिए नए अवसर खुले।
टेलीविजन से मिली लोकप्रियता के बाद उन्होंने बड़े पर्दे पर भी लगातार काम किया और कई अलग-अलग तरह के किरदार निभाए।
‘लगान’ से ‘गजनी’ तक कई फिल्मों में छोड़ी छाप
हिंदी सिनेमा में प्रदीप रावत ‘लगान’, ‘सरफरोश’, ‘गजनी’ और ‘ग्रैंड मस्ती’ जैसी फिल्मों में नजर आए। गंभीर और प्रभावशाली किरदारों के साथ उन्होंने नकारात्मक भूमिकाओं में भी अपनी अलग पहचान बनाई।
उनकी अभिनय शैली और दमदार स्क्रीन प्रेजेंस की वजह से वे लंबे समय तक फिल्म निर्माताओं की पसंद बने रहे। कई फिल्मों में उनके किरदार कहानी का अहम हिस्सा रहे।
दक्षिण भारतीय सिनेमा में भी बनाया अलग मुकाम
प्रदीप रावत ने तेलुगु फिल्म ‘सई (Sye)’ से दक्षिण भारतीय सिनेमा में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने तमिल, कन्नड़ और मलयालम फिल्मों में भी कई अहम भूमिकाएं निभाईं। तमिल फिल्म ‘गजनी’ (2005) में उनका डबल रोल दर्शकों को काफी पसंद आया।
बाद में जब इस फिल्म का हिंदी रीमेक बना तो उन्होंने उसी किरदार को दोबारा निभाया। इसके अलावा उन्होंने कन्नड़ फिल्म ‘पैरोडी’, मलयालम फिल्म ‘चाइना टाउन’, बंगाली फिल्म ‘हीरो 420’ और भोजपुरी फिल्म ‘क्रैक फाइटर’ में भी अभिनय किया।
भारतीय सिनेमा में बहुभाषी कलाकार के रूप में बनाई पहचान
प्रदीप रावत उन कलाकारों में शामिल रहे जिन्होंने केवल हिंदी फिल्मों तक खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने अलग-अलग भाषाओं की फिल्मों में काम करते हुए अपनी बहुमुखी अभिनय क्षमता का परिचय दिया। टेलीविजन, बॉलीवुड और दक्षिण भारतीय सिनेमा में उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा।
