Punjab News : CM Bhagwant Mann बोले – प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बदली पढ़ाई की तस्वीर, विदेशों से ट्रेनिंग लेकर लौट रहे शिक्षक

Punjab News : CM Bhagwant Mann बोले - प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बदली पढ़ाई की तस्वीर, विदेशों से ट्रेनिंग लेकर लौट रहे शिक्षक
Punjab News | CM Bhagwant Mann | पंजाब के सरकारी स्कूलों की चारदीवारी के भीतर अब पढ़ाई का रंग-ढंग पूरी तरह बदलने लगा है। कभी संसाधनों की कमी और लीक से हटी व्यवस्था के लिए पहचाने जाने वाले इन स्कूलों में अब ग्लोबल स्टैंडर्ड की शिक्षण पद्धतियों की गूंज सुनाई देने लगी है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने शिक्षकों और स्कूल प्रिंसिपलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के आधुनिक शिक्षण कौशल से लैस करने की जो मुहिम छेड़ी थी, उसके अब सकारात्मक परिणाम धरातल पर दिखने लगे हैं। सरकार का मुख्य मकसद यही है कि विदेशों में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे बेहतरीन प्रयोगों और सफल मॉडलों को पंजाब की कक्षाओं तक लाया जाए, जिससे यहां के बच्चों का भविष्य और अधिक उज्ज्वल हो सके।
सिंगापुर और फिनलैंड से सीख रहे हैं शिक्षक
इस पूरी कवायद में दुनिया के दो सबसे बेहतरीन शिक्षा मॉडल वाले देश—सिंगापुर और फिनलैंड—केंद्र में रहे हैं। सरकार की इस योजना के तहत अलग-अलग चरणों में पंजाब के सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपलों, हेडमास्टरों और शिक्षा अधिकारियों के दलों को विदेश भेजा गया।
सिंगापुर में जहां इन शिक्षकों को स्कूल लीडरशिप, बेहतर प्रबंधन, शिक्षण में नवाचार और छात्रों की सीखने की क्षमता को बढ़ाने के नए तौर-तरीके सिखाए गए, वहीं फिनलैंड की विश्व प्रसिद्ध शिक्षा प्रणाली से भी उन्हें बहुत कुछ सीखने का मौका मिला। फिनलैंड में शिक्षकों ने विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षा, रटने की प्रवृत्ति को छोड़कर गतिविधियों के माध्यम से पढ़ाई कराने और कक्षाओं में बच्चों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने जैसी आधुनिक तकनीकों का बारीकी से अध्ययन किया।
देश के बड़े संस्थानों में भी मिल रहा विशेष प्रशिक्षण
विदेशी धरती पर ट्रेनिंग लेने का यह सिलसिला लगातार जारी रहा। आंकड़ों पर नजर डालें तो सितंबर 2026 तक कुल 552 सरकारी शिक्षक, प्रिंसिपल और शिक्षा अधिकारी विदेशों में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। इनमें से 264 शिक्षकों ने सिंगापुर की प्रतिष्ठित अकादमियों में हुनर सीखा, जबकि 288 ने फिनलैंड जाकर वहां की शिक्षण बारीकियों को समझा।
केवल विदेश ही नहीं, बल्कि देश के भीतर भी अध्यापकों की क्षमता को निखारने पर पूरा जोर दिया गया है। पंजाब सरकार ने आईआईएम अहमदाबाद जैसे देश के सर्वोच्च प्रबंधन संस्थानों में राज्य के 199 अध्यापकों और मुख्य अध्यापकों को विशेष ट्रेनिंग के लिए भेजा, ताकि वे प्रशासनिक और शैक्षणिक नेतृत्व में और अधिक दक्ष बन सकें।
कक्षाओं में दिखने लगा है बदलाव का असर
सरकार की इस अनूठी पहल की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इस प्रशिक्षण को मात्र एक विदेशी दौरे तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि इसका सीधा असर अब पंजाब के स्कूलों के क्लासरूम में नजर आने लगा है। विदेशों से लौटकर आने वाले शिक्षक वहां की आधुनिक कार्यशैली और तकनीकों को अपनी कक्षाओं में धड़ल्ले से लागू कर रहे हैं।
इससे विद्यार्थियों को अब चीजों को रटने के बजाय गहराई से समझकर पढ़ने, खुलकर सवाल पूछने, विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों में हिस्सा लेने और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने के भरपूर अवसर मिल रहे हैं। शिक्षकों के इस ग्लोबल एक्सपोजर से पंजाब के सरकारी स्कूलों में शिक्षा का एक नया और बेहतर दौर शुरू हो चुका है।
