Punjab University: पंजाब यूनिवर्सिटी और शोध संस्थानों की लैब में तैयार होने वाली तकनीक अब फाइलों और रिसर्च पेपर तक सीमित नहीं रहेगी। रिसर्च को पेटेंट कराने से लेकर उसे उद्योग तक पहुंचाने और फिर स्टार्टअप में बदलने की पूरी राह आसान बनाने के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी में जल्द इंडोवेशन सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसके जरिए चंडीगढ़ को नॉर्थ-वेस्टर्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए इनोवेशन के एक बड़े रीजनल हब के रूप में विकसित करने की तैयारी है। इस दिशा में पंजाब यूनिवर्सिटी टेक इनोवेशन फोरम (पीयू-टीआईएफ) और ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) के बीच एमओयू भी साइन हो गया है।
मंगलवार को नई दिल्ली स्थित एआईसीटीई मुख्यालय में एमओयू पर एआईसीटीई के मेंबर सेक्रेटरी प्रो. श्याम रथ और पंजाब यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार प्रो. यजवेंद्र पाल वर्मा ने हस्ताक्षर किए। इस दौरान एआईसीटीई के चेयरमैन प्रो. योगेश सिंह और पीयू-टीआईएफ के डायरेक्टर प्रो. रोहित शर्मा भी मौजूद रहे। नई तकनीक बनेगी, पेटेंट भी होगा और बाजार तक पहुंचेगी। इंडोवेशन सेंटर का फोकस सिर्फ रिसर्च को बढ़ावा देने तक नहीं रहेगा। छात्रों और शोधकर्ताओं की ओर से विकसित नई तकनीक को पेटेंट कराने, उसकी बौद्धिक संपदा की सुरक्षा करने, उद्योगों से जोड़ने और टेक्नोलॉजी आधारित स्टार्टअप या एंटरप्राइज खड़ा करने के लिए सेंटर पूरा सपोर्ट सिस्टम तैयार करेगा। बाजार और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप उत्पाद या तकनीक विकसित करने वाली रिसर्च को विशेष रूप से आगे बढ़ाया जाएगा।
पीयू की वाइस चांसलर प्रो. मीनाक्षी गोयल ने कहा कि सेंटर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंडस्ट्री 4.0, साइबर सिक्योरिटी, डीप-टेक और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर जैसे तेजी से उभरते क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। लाइफ साइंसेज भी इसके प्रमुख फोकस क्षेत्रों में शामिल होगा। छात्रों, फैकल्टी और शोधकर्ताओं को नई तकनीक विकसित करने के साथ अपनी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी को सुरक्षित करने और उसे कमर्शियलाइज करने के अवसर दिए जाएंगे। सेंटर टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट, ट्रांसफर और लाइसेंसिंग को बढ़ावा देगा। इसके साथ ही नॉर्थ-वेस्टर्न क्षेत्र के शिक्षण और शोध संस्थानों में इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (आईपीआर) और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर सेल को मजबूत करने की दिशा में भी काम किया जाएगा। कई बार छात्रों और शोधकर्ताओं के बेहतरीन आइडिया रिसर्च प्रोजेक्ट या प्रोटोटाइप तक पहुंचकर आगे नहीं बढ़ पाते। इंडोवेशन सेंटर ऐसे आइडिया को अगला पड़ाव देने का काम करेगा। इनोवेशन काउंसिल से निकलने वाले संभावनाशील आइडिया की पहचान कर उन्हें पेटेंट, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, कमर्शियलाइजेशन और स्टार्टअप की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए मार्गदर्शन और सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
एक महीने पहले शुरू हुआ था पीयू-टीआईएफ
इंडोवेशन सेंटर की नींव दरअसल करीब एक महीने पहले रखी गई थी। 4 सितंबर को भारत के उपराष्ट्रपति और पंजाब यूनिवर्सिटी के एक्स-ऑफिशियो चांसलर सीपी राधाकृष्णन ने पीयू टेक इनोवेशन फोरम का उद्घाटन किया था। अब इसी प्लेटफॉर्म को विस्तार देते हुए इंडोवेशन सेंटर स्थापित किया जा रहा है। इसका दायरा केवल पंजाब यूनिवर्सिटी तक सीमित नहीं रहेगा। चंडीगढ़ को केंद्र बनाकर नॉर्थ-वेस्टर्न क्षेत्र के विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों, स्टार्टअप्स, उद्योगों और इनोवेटर्स को इससे जोड़ने की योजना है। यानी आने वाले समय में क्षेत्र में तैयार होने वाली रिसर्च और नई तकनीक को लैब से निकलकर पेटेंट, उद्योग और बाजार तक पहुंचाने के लिए एक साझा प्लेटफॉर्म उपलब्ध होगा।

