Punjab Weather: जालंधर में तेज बारिश के बीच 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, उमस बढ़ी, बिजली की मांग भी चढ़ी
जालंधर में तेज बारिश के बीच 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
Punjab Weather: पंजाब में गुरुवार सुबह से मानसून ने फिर जोर पकड़ लिया। जालंधर में दिन की शुरुआत तेज बारिश के साथ हुई, जबकि मौसम विभाग ने पठानकोट, होशियारपुर, शहीद भगत सिंह नगर (नवांशहर), फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और एसएएस नगर (मोहाली) में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। चंडीगढ़ में दिनभर आंशिक रूप से बादल छाए रहने और हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है।
लगातार बदलते मौसम के बीच तापमान में भी बदलाव दर्ज हुआ है। अधिकतम तापमान 2.1 डिग्री सेल्सियस बढ़कर सामान्य के करीब पहुंच गया है। राज्य में सबसे अधिक तापमान बठिंडा में 39.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
बरनाला में सबसे अधिक बारिश, कई जिलों में हुई बूंदाबांदी
5 अगस्त को पंजाब में सबसे अधिक 12 मिमी बारिश बरनाला में रिकॉर्ड की गई। अमृतसर में 6 मिमी, गुरदासपुर में 2 मिमी तथा फतेहगढ़ साहिब और लुधियाना में 1.5-1.5 मिमी वर्षा दर्ज हुई। पठानकोट में केवल ट्रेस यानी बेहद हल्की बारिश रिकॉर्ड की गई। इन आंकड़ों से साफ है कि बारिश पूरे राज्य में समान रूप से नहीं हुई, लेकिन कई जिलों में मानसूनी गतिविधियां लगातार बनी हुई हैं। ऐसे में अगले 24 घंटे किसानों, यात्रियों और शहरी क्षेत्रों के लिए अहम रहने वाले हैं।
क्यों सक्रिय हुआ मानसून, मौसम विभाग ने बताई वजह
मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल के अनुसार उत्तर भारत से होकर मानसून ट्रफ गुजर रही है। इसके साथ ही पश्चिमी विक्षोभ का असर पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। दूसरी ओर उत्तर प्रदेश और हरियाणा के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) भी बना हुआ है। इन्हीं मौसम प्रणालियों के कारण पंजाब और चंडीगढ़ में नमी बढ़ी है। विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटों के दौरान कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
उमस बढ़ने से बिजली की मांग में उछाल
बारिश के बावजूद राज्य में उमस बनी हुई है, जिसका असर बिजली की खपत पर भी दिखाई दिया। गुरुवार को पंजाब में बिजली की मांग 14,603 मेगावाट दर्ज की गई। राज्य ने अपने बिजलीघरों से 4,683 मेगावाट उत्पादन किया, जबकि बाकी बिजली केंद्रीय ग्रिड से प्राप्त की गई। पंजाब को केंद्र से 9,921 मेगावाट बिजली मिली, जो उसके निर्धारित 10,418 मेगावाट हिस्से से 497 मेगावाट कम रही। इससे साफ है कि मौसम में बदलाव के बावजूद बिजली की जरूरत ऊंचे स्तर पर बनी हुई है।
भाखड़ा और पोंग डैम की स्थिति फिलहाल सामान्य
लगातार बारिश के बीच जलाशयों की स्थिति पर भी नजर बनी हुई है। भाखड़ा डैम का जलस्तर 1,607.17 फीट रिकॉर्ड किया गया, जो खतरे के निशान 1,680 फीट से 72.83 फीट नीचे है। डैम में 46,663 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है, जबकि 23,269 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं पोंग डैम का जलस्तर 1,343.6 फीट है, जो खतरे के निशान 1,390 फीट से 46.4 फीट नीचे बना हुआ है। डैम में 23,380 क्यूसेक पानी पहुंच रहा है और 13,715 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। मौजूदा स्थिति में दोनों प्रमुख जलाशय सुरक्षित स्तर पर हैं, हालांकि लगातार हो रही बारिश के कारण जलस्तर पर निगरानी जारी रहेगी।
