Breaking News
Narnaul News: त्योहारी सीजन में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई तेज, आठ मिठाइयों के नमूने लिए1 November Rashifal: नवंबर के पहले दिन कर्क राशि में बनेगा महाधन योग, जानिए सभी 12 राशियों का भविष्यफलPanipat Factory Fire: पानीपत में फिर दहला औद्योगिक इलाक, बलाना गांव की कंबल फैक्ट्री में लगी भीषण आगGurugram Car Stunt: गुरुग्राम में क्रेटा सवार युवकों का खौफनाक हुड़दंग, सनरूफ से बाहर निकलकर मचाया उत्पात, महिला-बच्चों से बदतमीजीNarnaul News: 19 व 20 नंवबर को आयोजित होगा जिला युवा महोत्सव, ‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत’ रखी गई थीमNarnaul News: त्योहारी सीजन में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई तेज, आठ मिठाइयों के नमूने लिए1 November Rashifal: नवंबर के पहले दिन कर्क राशि में बनेगा महाधन योग, जानिए सभी 12 राशियों का भविष्यफलPanipat Factory Fire: पानीपत में फिर दहला औद्योगिक इलाक, बलाना गांव की कंबल फैक्ट्री में लगी भीषण आगGurugram Car Stunt: गुरुग्राम में क्रेटा सवार युवकों का खौफनाक हुड़दंग, सनरूफ से बाहर निकलकर मचाया उत्पात, महिला-बच्चों से बदतमीजीNarnaul News: 19 व 20 नंवबर को आयोजित होगा जिला युवा महोत्सव, ‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत’ रखी गई थीम

Punjab Weather: मालवा के 5 जिलों में आज आंधी-बारिश का अलर्ट, जानें कब मिलेगी गर्मी से राहत

Punjab Weather: मालवा के 5 जिलों में आज आंधी-बारिश का अलर्ट, जानें कब मिलेगी गर्मी से राहत

Punjab Weather: मालवा के 5 जिलों में आज आंधी-बारिश का अलर्ट, जानें कब मिलेगी गर्मी से राहत

AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION
JJagmarg

Punjab Weather: पंजाब। पंजाब में एक बार फिर उमस और चुभने वाली गर्मी का दौर लौटने लगा है। शनिवार को सूबे के अधिकतम तापमान में औसतन 1.8 डिग्री सेल्सियस का उछाल आया, जिसके बाद पारा सामान्य स्तर के करीब पहुंच गया। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के मुताबिक, कल बठिंडा में सबसे अधिक 39.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

हालांकि, इस बीच राहत की बात यह है कि पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के ऊपर एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) इस समय उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित कर रहा है। इसके प्रभाव से मौसम विभाग ने आज, 21 जून को फाजिल्का, श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, मानसा और फरीदकोट समेत कई जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है।

विज्ञापन

जून में रूठे रहे बादल, कहीं सूखा तो कहीं झमाझम बरसात

मौसम विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो चालू जून महीने के शुरुआती 20 दिनों में पंजाब को बादलों ने काफी तरसाया है। 1 जून से 20 जून 2026 के बीच राज्य में सामान्य के मुकाबले करीब 23 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड की गई। इस अवधि में जहां अमूमन 28.2 मिमी पानी गिरना चाहिए था, वहीं महज 21.8 मिमी वर्षा ही दर्ज हो सकी।

हालांकि, इस सूखे के बीच जिलों का मिजाज काफी जुदा रहा। सरहदी जिले तरनतारन में सामान्य से 65% ज्यादा बारिश हुई, जबकि नवांशहर में 54%, लुधियाना में 50% और अमृतसर में 39% अधिक पानी बरसा। इसके उलट मालवा के बरनाला जिले में स्थिति सबसे खराब रही, जहां बारिश में 84% की भारी गिरावट देखी गई। होशियारपुर, संगरूर और रूपनगर (रोपड़) में भी बादलों ने कंजूसी दिखाई और यहां 60 फीसदी से ज्यादा की कमी दर्ज की गई।

25 जून तक कैसा रहेगा मौसम का मिजाज? दो हिस्सों में समझिए

मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि आगामी 24 जून तक राज्य में मौसम का मिजाज इसी तरह आंख-मिचौली वाला बना रहेगा। अगले दो दिनों तक तो तापमान स्थिर रहेगा, लेकिन उसके बाद इसमें 2 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है।

दिन का पारा: 25 जून तक मैदानी और केंद्रीय पंजाब के अधिकांश हिस्सों में दिन का अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। वहीं, शिवालिक की पहाड़ियों से सटे उत्तरी-पूर्वी इलाकों जैसे पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर और रूपनगर में यह थोड़ा कम यानी 36 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच टिक सकता है।

रात का तापमान: उमस भरी रातों से अभी पूरी तरह निजात नहीं मिलेगी। पठानकोट, अमृतसर और रूपनगर बेल्ट में न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री के बीच रहेगा, जबकि पंजाब के बाकी मैदानी इलाकों में रात का पारा 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज होने का अनुमान है।

खेतों में धान की रोपाई तेज, पर बिजली संकट और बंद थर्मल यूनिटों ने बढ़ाई टेंशन

इस चुभती गर्मी के बीच मोहाली समेत पूरे पंजाब के ग्रामीण अंचलों में किसान धान की बुआई और रोपाई के काम में पूरी ताकत से जुटे हुए हैं। खेतों को लगातार पानी की दरकार है, जिसकी वजह से राज्य में बिजली का संकट गहराने लगा है। शनिवार को पंजाब में बिजली की कुल डिमांड 15 हजार मेगावाट के करीब (14,934 मेगावाट) जा पहुंची। इस भारी-भरकम मांग के सामने पंजाब का अपना खुद का उत्पादन महज 5 हजार मेगावाट के आसपास ही सिमट कर रह गया, जिसके चलते पावरकॉम को नेशनल ग्रिड और केंद्रीय कोटे से करीब 10 हजार मेगावाट बिजली महंगे दामों पर खरीदनी पड़ी।

इस बिजली संकट को और गंभीर बना रहा है थर्मल पावर प्लांटों का ठप पड़ा ढांचा। रोपड़ थर्मल प्लांट की चार में से एक यूनिट बंद चल रही है और बाकी तीन भी अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रही हैं। लेहरा मोहब्बत प्लांट की हालत और खराब है, जहां की 4 में से 3 यूनिटें पूरी तरह बंद पड़ी हैं। गोइंडवाल साहिब में भी एक यूनिट ने काम करना बंद कर दिया है।

गनीमत यह है कि निजी क्षेत्र का राजपुरा प्लांट और तलवंडी साबो अपनी पूरी क्षमता के साथ ग्रिड को बिजली सप्लाई कर रहे हैं। वहीं, पहाड़ियों से आ रहे पानी के बूते हाइड्रो प्रोजेक्ट्स से भी लगभग 950 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है, जिससे खेती के लिए 8 घंटे बिजली देने की चुनौती से निपटा जा रहा है।

ख़बर पसंद आई? शेयर करें
विज्ञापन

पंजाब की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।