Rajasthan Road Accident: जालोर में जन्माष्टमी की रात दर्दनाक हादसा, खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराई बाइक

जालोर में जन्माष्टमी की रात दर्दनाक हादसा
Rajasthan Road Accident: राजस्थान के जालोर जिले में जन्माष्टमी की खुशियां शुक्रवार रात एक परिवार के लिए मातम में बदल गईं। निबलाना निवासी 25 वर्षीय दशरथ पुत्र अर्जुन कुमार मेघवाल अपने डेढ़ साल के भतीजे हिमांशु पुत्र चंपाराम मेघवाल के साथ बाइक से जन्माष्टमी का प्रसाद लेकर गांव लौट रहा था। दोनों मिठाई और फल लेकर घर की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान बिशनगढ़ थाना क्षेत्र में मांडवला टोल नाके के पास उनकी बाइक सड़क पर खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई।
SHO मनोज कुमार के मुताबिक, हादसा शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे हुआ। मांडवला टोल नाके के पास सड़क पर ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी थी और वहां अंधेरा था। बाइक की ट्रैक्टर-ट्रॉली से जोरदार टक्कर हुई। हादसा इतना भीषण था कि दशरथ और हिमांशु ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
चाचा के साथ जाने के लिए रो रहा था हिमांशु
हादसे के बाद सबसे ज्यादा दर्दनाक बात हिमांशु को लेकर सामने आई। दशरथ के चचेरे भाई पापाराम मेघवाल ने बताया कि करीब 18 महीने का हिमांशु ज्यादातर अपने चाचा दशरथ के पास ही रहता था। जन्माष्टमी के दिन जब दशरथ घर से बाहर निकल रहा था, तो हिमांशु भी उसके साथ जाने के लिए रोने लगा। मासूम की जिद के बाद वह चाचा के साथ बाइक पर चला गया और कुछ देर बाद दोनों के साथ दर्दनाक हादसा हो गया।
हादसे के बाद वहां से गुजर रहे लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और दोनों शवों को मांडवला की मॉर्च्युरी में रखवाया। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल बाइक और ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में ले लिया। शनिवार सुबह दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम कराया गया, जिसके बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया।
दशरथ खेती करता था, आठवीं तक पढ़ा था
परिजनों के मुताबिक, दशरथ गांव में खेती करता था। उसने आठवीं कक्षा तक पढ़ाई की थी और परिवार के साथ रहकर खेती का काम करता था। हिमांशु अपने परिवार में दो भाई-बहनों के साथ था। उसके पिता किसान हैं। परिवार के लिए डेढ़ साल के मासूम और 25 वर्षीय दशरथ की एक साथ मौत बड़ा सदमा है।
सड़क पर खड़े वाहन को लेकर जांच
पुलिस ने हादसे में शामिल ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में ले लिया है। हादसा रात के समय हुआ और ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क पर खड़ी थी। ऐसे में पुलिस दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही है। इस हादसे ने एक बार फिर रात में सड़क पर खड़े भारी वाहनों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। खासकर बिना पर्याप्त रोशनी या चेतावनी संकेत के सड़क पर खड़े वाहन पीछे से आने वाले बाइक और कार सवारों के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।
